इंटरनेशनल टी डे: सिर्फ स्वाद नहीं, सेहत का भी खजाना है ब्लैक टी, ब्लड प्रेशर से लेकर कैंसर तक में फायदेमंद

दुनियाभर में पसंद किए जाने वाले पेय पदार्थों में चाय का नाम सबसे ऊपर आता है। भारत में तो सुबह की शुरुआत ही चाय की चुस्कियों से होती है। हर साल 21 मई को इंटरनेशनल टी डे मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य चाय के सांस्कृतिक और स्वास्थ्य महत्व को उजागर करना है। इसी बीच हेल्थ एक्सपर्ट्स और कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि ब्लैक टी यानी काली चाय केवल ताजगी देने वाला पेय नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। सीमित मात्रा में इसका सेवन ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, मोटापा और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, काली चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और पॉलीफेनोल्स शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि दुनियाभर में हेल्थ कॉन्शियस लोग अब दूध वाली चाय की जगह ब्लैक टी को अपनी डेली लाइफस्टाइल का हिस्सा बना रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर इसे बिना ज्यादा चीनी के सीमित मात्रा में पिया जाए तो इसके कई सकारात्मक प्रभाव शरीर पर देखने को मिल सकते हैं।
ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मददगार
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्लैक टी में पाए जाने वाले थियाफ्लेविन्स और थियारुबिगिन्स जैसे तत्व हाई ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। ये तत्व शरीर में ग्लूकोज लेवल को संतुलित रखने का काम करते हैं, जिससे डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है। यही नहीं, नियमित रूप से काली चाय पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। कई शोधों में यह भी दावा किया गया है कि रोजाना तीन कप तक ब्लैक टी पीने से हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। हाई बीपी हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी रोग और डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों का बड़ा कारण माना जाता है। ऐसे में ब्लैक टी हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित हो सकती है।
कैंसर और स्ट्रोक के खतरे को कर सकती है कम
ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों में पॉलीफेनोल्स नामक माइक्रो-न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर में कैंसर सेल्स की ग्रोथ को रोकने में सहायक माने जाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये तत्व शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का जोखिम घट सकता है। इसके अलावा, कई मेडिकल स्टडीज में यह बात सामने आई है कि नियमित रूप से तीन से चार कप ब्लैक टी पीने वालों में स्ट्रोक का खतरा अपेक्षाकृत कम देखा गया। डॉक्टरों का मानना है कि ब्लैक टी ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करती है।
वजन घटाने और बालों की सेहत में भी कारगर
आज के दौर में मोटापा एक बड़ी समस्या बन चुका है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिना दूध और चीनी वाली ब्लैक टी शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज करती है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है। यदि इसके साथ संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाई जाए तो वजन कम करने में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। ब्लैक टी बालों की सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व स्कैल्प को पोषण देने के साथ बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। कुछ शोधों में यह भी कहा गया है कि ब्लैक टी बाल झड़ने और बालों को पतला करने वाले हार्मोन्स के प्रभाव को कम कर सकती है। हालांकि डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी चीज का अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए ब्लैक टी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए और किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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