पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बढ़ा तनाव : मिसाइल हमलों में सात की मौत; 75 घायल, असदाबाद और यूनिवर्सिटी को बनाया गया निशाना

28 अप्रैल 2026
मिसाइल हमलों में सात की मौत; 75 घायल, असदाबाद और यूनिवर्सिटी को बनाया गया निशाना

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत कुनार में हुए मिसाइल और रॉकेट हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। वहीं 75 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में छात्र, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब दोनों देशों के बीच पहले से ही हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक हमले की सबसे ज्यादा मार असदाबाद शहर पर पड़ी। रिहायशी इलाकों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया। तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सीधे तौर पर पाकिस्तान पर हमले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दोपहर करीब दो बजे से मोर्टार और रॉकेट फायरिंग शुरू हुई, जिससे भारी नुकसान हुआ। हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उसका कहना है कि नागरिक इलाकों या यूनिवर्सिटी को निशाना बनाने की खबरें गलत और भ्रामक हैं।

सीमा पर झड़प के बाद बढ़ा तनाव

इससे एक दिन पहले यानी रविवार को सीमा पर हिंसक झड़प की खबर सामने आई थी। कंधार के पास स्पिन बोल्डक इलाके में दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस झड़प में पाकिस्तान के छह सैनिक मारे गए। एक सैनिक को तालिबान लड़ाके बंधक बनाकर ले गए। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि झड़प के दौरान एक स्थानीय बच्चे की भी मौत हुई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

सीजफायर के बाद फिर बिगड़े हालात

दोनों देशों के बीच मार्च में सीजफायर हुआ था। इससे पहले कई हफ्तों तक लगातार झड़पें चल रही थीं। लेकिन अब हालात फिर खराब होते दिख रहे हैं। इससे पहले भी पाकिस्तान ने काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर हमला किया था, जिसमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने का दावा किया गया था। चीन, तुर्किए, कतर और सउदी अरब जैसे देशों ने दोनों के बीच तनाव कम कराने की कोशिश की है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

टीटीपी और सुरक्षा विवाद

इस पूरे विवाद के केंद्र में तहरीक- ए- तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) है। पाकिस्तान का आरोप है कि यह संगठन अफगानिस्तान की जमीन से ऑपरेट करता है और पाकिस्तान में हमले करता है। वहीं अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। उनका कहना है कि वे किसी भी आतंकी संगठन को अपनी जमीन इस्तेमाल नहीं करने देते। यह तनाव फरवरी से लगातार बढ़ रहा है। 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगान सीमा के पास एयरस्ट्राइक की थी। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की थी।

क्यों खतरनाक हैं ये हालात?

दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है। लगातार हो रहे हमले और जवाबी कार्रवाई इसे बड़े संघर्ष की ओर ले जा सकते हैं। सीमा पर रहने वाले आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल, घर और सार्वजनिक स्थान भी अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं।

नव्य जागरण

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