प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर ने की वार्ता: भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई दिशा, कई अहम समझौतों पर मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस अहम बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। बैठक का उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रिया के संबंधों को नई मजबूती देना रहा।
बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। वार्ता के बाद दोनों देशों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की जानकारी दी।
संयुक्त प्रेस बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चांसलर स्टॉकर का यह दौरा भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों में नई ऊर्जा का संचार करेगा, खासकर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में। उन्होंने बताया कि दोनों देश टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में मिलकर काम करेंगे, ताकि वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद समाधान उपलब्ध कराए जा सकें।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली और ऑस्ट्रिया की मॉन्टेना यूनिवर्सिटी के बीच हुए समझौते को इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम शुरु करने की घोषणा
इसके अलावा, वर्ष 2023 में हुए माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते के तहत नर्सिंग सेक्टर में पेशेवरों के आवागमन को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है। दोनों देशों ने रिसर्च, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए ‘वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम’ शुरू करने की भी घोषणा की, जिससे नए अवसर पैदा होंगे।
वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख
वैश्विक तनाव के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया इस बात पर एकमत हैं कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम एशिया का उल्लेख करते हुए शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई पर भी सहमति जताई।
पहली भारत यात्रा पर स्टॉकर
इससे पहले चांसलर स्टॉकर ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह उनकी चार दिवसीय भारत यात्रा है और 2025 में पद संभालने के बाद उनकी पहली एशिया यात्रा भी है। बुधवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी स्टॉकर से मुलाकात की थी। उन्होंने इस मुलाकात को भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री स्तर की वार्ता से सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।
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