भारत-UAE के बीच ऊर्जा समझौता: LPG सप्लाई पर बनी सहमति, UAE ने पांच अरब डॉलर निवेश का किया ऐलान

नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान भारत और UAE के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी। सबसे बड़ा समझौता LPG सप्लाई को लेकर हुआ। इसके अलावा ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और निवेश से जुड़े कई MoU भी साइन किए गए। बैठक में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और वडिनार शिप रिपेयर क्लस्टर पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बातचीत में व्यापार, निवेश और पश्चिम एशिया के हालात भी शामिल रहे।
बैठक के दौरान UAE ने भारत में बड़े निवेश का ऐलान किया। UAE की ओर से भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश बढ़ाने की बात कही गई। इसके अलावा RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में भी निवेश होगा। कुल निवेश राशि करीब पांच अरब डॉलर बताई गई है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इससे भारत-UAE आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी। ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां भी तेज हो सकती हैं।
F-16 फाइटर जेट ने किया पीएम के विमान को एस्कॉर्ट
प्रधानमंत्री मोदी के UAE पहुंचने पर खास स्वागत किया गया। UAE एयर फोर्स के F-16 फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया। इसे दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान के लिए UAE का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह भारत के लोगों के लिए गर्व का क्षण है। पीएम ने कहा कि UAE हमेशा भारत का करीबी साझेदार रहा है।
मोदी बोले- हर परिस्थिति में UAE के साथ भारत
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत हर परिस्थिति में UAE के साथ मजबूती से खड़ा है। दोनों देशों के रिश्ते विश्वास और सहयोग पर आधारित हैं। प्रधानमंत्री ने UAE को अपना “दूसरा घर” बताया। उन्होंने कहा कि वहां हमेशा उन्हें विशेष अपनापन महसूस होता है। पीएम ने गर्मजोशी से स्वागत करने पर राष्ट्रपति अल नाहयान का धन्यवाद दिया। मोदी ने कहा कि भारत क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का समर्थन करता रहेगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत हरसंभव सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि संवाद और सहयोग से ही समाधान संभव है।
तीन घंटे का दौरा, लेकिन कई अहम फैसले
प्रधानमंत्री मोदी का UAE दौरा काफी छोटा रहा। उनका पूरा कार्यक्रम करीब 180 मिनट का था। हालांकि कम समय में कई बड़े फैसलों पर सहमति बनी। ऊर्जा समझौते को इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पीएम मोदी ने दौरा खत्म होने के बाद बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि यात्रा छोटी लेकिन बेहद उपयोगी रही। दोनों देशों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि इस दौरे के नतीजे भविष्य में बड़े बदलाव लाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत और UAE की दोस्ती लगातार मजबूत हो रही है।
अब नीदरलैंड दौरे पर रवाना हुए पीएम मोदी
UAE में सभी कार्यक्रम पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री आगे के दौरे पर रवाना हो गए। राष्ट्रपति अल नाहयान ने उन्हें विदाई दी। इसके बाद पीएम मोदी नीदरलैंड के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान कई अहम द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। माना जा रहा है कि व्यापार, तकनीक और निवेश पर विशेष चर्चा होगी। विदेश नीति विशेषज्ञों के मुताबिक, पीएम मोदी का यह दौरा भारत की वैश्विक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UAE और नीदरलैंड दोनों के साथ भारत अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत करने में जुटा है।
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