ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी: सेना ने कहा- ईरानी जहाजों पर हमला बर्दाश्त नहीं, अमेरिका के प्रस्ताव पर अब तक नहीं आया जवाब

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। IRGC की नौसेना कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। इसमें कहा गया कि ईरानी जहाजों पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा। अगर फारस की खाड़ी या होर्मुज स्ट्रेट में दोबारा हमला हुआ, तो अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने अमेरिकी सैन्य जहाजों पर बड़े हमले की धमकी दी। इसके बाद IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने नया दावा किया। संगठन ने कहा कि मिसाइलें और ड्रोन पहले से लॉक हैं। अब केवल हमले के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। इस बयान के बाद पूरी दुनिया की नजर मध्य पूर्व पर टिक गई। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में बड़ा दावा किया गया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक अमेरिका ने 14 पॉइंट का ड्राफ्ट तैयार किया है। यह प्रस्ताव ईरान को भेजा गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस पर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि जल्द जवाब मिलने की उम्मीद है। हालांकि अब तक ईरान की ओर से कोई अंतिम प्रतिक्रिया नहीं आई। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रस्ताव की समीक्षा जारी है। प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि सही समय पर जवाब दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि ईरान अमेरिकी समय सीमा नहीं मानता। ईरान अपना फैसला अपने तरीके से करेगा। प्रस्ताव में कई बड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए। इसके अलावा यूरेनियम संवर्धन रोकने की भी मांग की गई है। बदले में अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने को तैयार बताया गया।
होर्मुज स्ट्रेट बना दुनिया की चिंता
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में गिना जाता है। ईरान ने चेतावनी दी कि अमेरिकी दखल बढ़ा तो जंग दोबारा शुरू हो सकती है। वहीं अमेरिका ने दावा किया कि उसने कई जहाज रोके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक 70 से ज्यादा जहाजों को रोका गया। इस तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दिखने लगा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 103 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। संयुक्त राष्ट्र और एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे ईंधन और खाद्य पदार्थ महंगे होंगे। दक्षिण एशियाई देशों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है। इस बीच ईरान ने नया आर्थिक प्लान भी तैयार किया है। ईरानी मीडिया ने होर्मुज की इंटरनेट केबलों पर टोल लगाने की बात कही। दावा किया गया कि यहां से रोजाना बड़े वित्तीय लेनदेन गुजरते हैं।
इजराइल में भी बढ़ा विरोध प्रदर्शन
मध्य पूर्व संकट के बीच इजराइल में भी तनाव बढ़ गया है। तेल अवीव में शनिवार रात प्रदर्शन हुए। लोग प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने दक्षिणी लेबनान पर हमलों का विरोध किया। कुछ लोग “स्टॉप द जेनोसाइड” लिखे पोस्टर लेकर पहुंचे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। रिटायर्ड नागरिक डेविड अलकन ने सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार देश को गलत दिशा में ले जा रही है। इस बीच लेबनान में इजराइली हमले भी तेज हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक दिन में 39 लोगों की मौत हुई। कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया। हिजबुल्लाह ने भी जवाबी हमलों का दावा किया है। ऐसे में पूरे मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
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