ISIS के बड़े कमांडर के मारे जाने का ट्रम्प ने किया दावा: अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई फोर्स ने चलाया संयुक्त ऑपरेशन, अफ्रीका में छिपा था आतंकी

16 मई 2026
अमेरिकी सेना और नाइजीरियाई फोर्स ने चलाया संयुक्त ऑपरेशन, अफ्रीका में छिपा था आतंकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा, आतंकी संगठन आईएसआईएस को बड़ा झटका लगा है। ट्रम्प के मुताबिक संगठन का बड़ा कमांडर मारा गया। उन्होंने अबू बिलाल अल मिनुकी के मारे जाने की पुष्टि की। ट्रम्प ने कहा, अमेरिकी सेना ने यह ऑपरेशन चलाया। इस अभियान में नाइजीरियाई सेना ने भी सहयोग किया। ऑपरेशन बेहद गोपनीय और रणनीतिक तरीके से अंजाम दिया गया। दावा किया गया, आतंकी अफ्रीका में छिपा हुआ था। उसे लंबे समय से ट्रैक किया जा रहा था। खुफिया एजेंसियां लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहीं थीं।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, यह मिशन बेहद कठिन परिस्थितियों में पूरा हुआ। आतंकी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इसके बावजूद अमेरिकी एजेंसियां उसे ट्रैक करती रहीं। आखिरकार सही समय देखकर कार्रवाई की गई। ऑपरेशन के दौरान उसे निशाना बनाया गया। ट्रम्प ने कहा, दुनिया अब पहले से ज्यादा सुरक्षित।

ट्रम्प बोले- दुनिया के सबसे एक्टिव आतंकियों में शामिल था

ट्रम्प के मुताबिक अबू बिलाल अल मिनुकी बेहद खतरनाक था। वह ISIS के बड़े ऑपरेशन संभालने में शामिल था। अफ्रीका में उसकी मजबूत नेटवर्किंग बताई जा रही थी। सुरक्षा एजेंसियां उसे लंबे समय से तलाश रहीं थीं। ट्रम्प ने दावा किया, वह सबसे एक्टिव आतंकियों में था। उसकी गतिविधियां कई देशों के लिए खतरा बन चुकी थीं। इसी वजह से उसके खिलाफ बड़ा ऑपरेशन तैयार किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, मिनुकी की मौत अहम सफलता है। इससे ISIS के वैश्विक नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचेगा। आतंकी संगठन की रणनीतिक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां इसे बड़ी उपलब्धि मान रहीं। हालांकि अभी स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

नाइजीरिया सरकार को ट्रम्प ने कहा धन्यवाद

ट्रम्प ने ऑपरेशन में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने नाइजीरिया सरकार और सेना की तारीफ की। कहा गया, दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल रहा। संयुक्त अभियान की वजह से मिशन सफल हो सका। ट्रम्प ने अपने संदेश के आखिर में लिखा। “गॉड ब्लेस अमेरिका” और अमेरिकी सैनिकों को सलाम। उनके बयान के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय दिखीं। अफ्रीका में पिछले कुछ वर्षों से आतंकवाद बढ़ा है। कई आतंकी संगठन वहां अपनी पकड़ मजबूत कर रहे। विशेषज्ञ मानते हैं, अंतरराष्ट्रीय सहयोग बेहद जरूरी बन चुका। इसी वजह से अमेरिका लगातार अफ्रीकी देशों से जुड़ रहा।

बाइडेन सरकार ने 2023 में घोषित किया था आतंकवादी

जून 2023 में Joe Biden प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया था। मिनुकी को “स्पेशली डिजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट” घोषित किया गया। यह अमेरिका की बेहद सख्त आतंकवादी सूची मानी जाती। इस सूची में शामिल लोगों पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाते। अमेरिका ऐसे लोगों को वैश्विक खतरा मानता है। किसी आतंकी को यह दर्जा मिलने के बाद कार्रवाई बढ़ती। उसकी अमेरिकी संपत्ति तुरंत फ्रीज कर दी जाती। कोई अमेरिकी कंपनी उससे कारोबार नहीं कर सकती। अमेरिकी नागरिकों को भी संपर्क से रोका जाता है। आर्थिक और वित्तीय तौर पर उसे अलग-थलग किया जाता। इसका मकसद आतंकी नेटवर्क की फंडिंग रोकना होता।

कई नामों से पहचान बदलता था मिनुकी

अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक मिनुकी कई नाम इस्तेमाल करता था। उसकी अलग-अलग पहचान सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी। कुछ रिपोर्ट्स में उसे अबुबकर मैनोक कहा गया। वहीं कई दस्तावेजों में अबोर मैनोक नाम सामने आया। सुरक्षा एजेंसियां उसकी पहचान लगातार ट्रैक करती रहीं। आखिरकार संयुक्त ऑपरेशन में उसे मार गिराया गया। विशेषज्ञ मानते हैं, यह कार्रवाई प्रतीकात्मक रूप से अहम है। हालांकि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई अभी बाकी है।

दुनियाभर की एजेंसियां लगातार नेटवर्क पर नजर रख रहीं। अमेरिका ने संकेत दिए हैं, ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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