पाकिस्तान में गहराया तेल संकट: मंत्री ने माना- भारत बहुत आगे, हमारे पास नहीं है पर्याप्त भंडार

इस्लामाबाद|02 मई 2026
 मंत्री ने माना- भारत बहुत आगे, हमारे पास नहीं है पर्याप्त भंडार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच तेल संकट ने पाकिस्तान की चिंता बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को हिला दिया है। इसी बीच पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री मुसादिक मलिक का बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने खुलकर स्वीकार किया है कि पाकिस्तान इस संकट से निपटने में भारत से काफी पीछे है। मलिक ने कहा कि पाकिस्तान के पास न तो पर्याप्त रणनीतिक तेल भंडार है और न ही आर्थिक मजबूती। इसके कारण वैश्विक बाजार में थोड़ी सी हलचल भी देश के लिए बड़ी समस्या बन जाती है।

मुसादिक मलिक ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत के पास 60 से 70 दिनों का तेल भंडार है। यह भंडार रणनीतिक और वाणिज्यिक दोनों स्तर पर मौजूद है। जरूरत पड़ने पर भारत इसे तुरंत जारी कर सकता है। इसके मुकाबले पाकिस्तान की स्थिति बेहद कमजोर है। मंत्री ने स्वीकार किया कि देश के पास कुछ दिनों का ही कच्चा तेल बचा है। यह अंतर दोनों देशों की ऊर्जा नीति और योजना में बड़े फर्क को दिखाता है।

होर्मुज स्ट्रेट संकट से बढ़ा दबाव

तेल की कीमतों में उछाल का एक बड़ा कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजरानी पर असर है। इस क्षेत्र में तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। कच्चे तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। यह 2022 के बाद का उच्चतम स्तर है। इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर उन देशों पर पड़ रहा है, जिनके पास पर्याप्त भंडार नहीं है। पाकिस्तान भी उनमें शामिल है।

आईएमएफ के सहारे चल रही व्यवस्था

मलिक ने यह भी बताया कि पाकिस्तान को मामूली राहत के लिए भी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के साथ गुप्त वार्ता कर ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की गई। लेकिन इसके बदले पाकिस्तान को सख्त शर्तें माननी पड़ीं। इन शर्तों के तहत सरकार को ईंधन पर भारी टैक्स लगाना पड़ा। डीजल की कीमतें कई गुना बढ़ गईं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ा।

महंगाई और विरोध प्रदर्शन से बढ़ी अशांति

ऊर्जा संकट ने पाकिस्तान में सामाजिक अस्थिरता को भी बढ़ा दिया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि के कारण लोगों में गुस्सा है। हालांकि सरकार ने हाल ही में पेट्रोल के दाम में 80 पाकिस्तानी रुपये की कमी की। इसके बाद कीमत 378 रुपये प्रति लीटर हुई। लेकिन इससे पहले 42% से ज्यादा की बढ़ोतरी ने आम लोगों की कमर तोड़ दी थी। देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ईंधन की कमी भी देखने को मिल रही है।

एक दिन का भी भंडार नहीं

मुसादिक मलिक का सबसे चौंकाने वाला बयान यह रहा कि पाकिस्तान के पास एक दिन का भी पर्याप्त पेट्रोल भंडार नहीं है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों के पास जो रिफाइंड प्रोडक्ट है, वह सिर्फ 20-21 दिन ही चल सकता है। कच्चे तेल का भंडार भी 5-7 दिनों से ज्यादा नहीं है। यह स्थिति देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानी जा रही है।

भारत की आर्थिक ताकत बनी ढाल

मलिक ने भारत की आर्थिक स्थिति की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत के पास मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार है। भारत के पास करीब 600 अरब डॉलर का रिजर्व है। इसके अलावा वह आईएमएफ कार्यक्रम का हिस्सा भी नहीं है। इससे भारत को आर्थिक फैसले लेने की आजादी मिलती है। तेल की कीमत बढ़ने पर भारत टैक्स कम कर सकता है। जबकि पाकिस्तान ऐसा नहीं कर पाता।

नव्य जागरण

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