ट्रम्प की ईरान को चेतावनी: ‘गलती की तो फिर हमला’, 14-पॉइंट प्रस्ताव पर भी सस्पेंस

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने कोई गलती की, तो उस पर दोबारा हमला किया जा सकता है। उन्होंने फ्लोरिडा में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका इस समय मजबूत स्थिति में है, जबकि तेहरान दबाव में है और समझौते की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान पिछले कई दशकों से वैश्विक शांति के लिए चुनौती बना हुआ है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी तक उसे उसके कामों की पूरी कीमत नहीं चुकानी पड़ी है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि ईरान की ओर से 14-पॉइंट का प्रस्ताव मिला है। यह प्रस्ताव पाकिस्तान की मध्यस्थता में भेजा गया है। हालांकि ट्रम्प ने साफ संकेत दिए कि यह प्रस्ताव अमेरिका को स्वीकार्य नहीं लग रहा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव का विस्तृत ड्राफ्ट अभी आना बाकी है और उसकी समीक्षा की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव अमेरिका के 9-पॉइंट प्लान के जवाब में तैयार किया गया है। इसमें कई बड़ी मांगें शामिल हैं। जैसे- 30 दिनों में विवाद खत्म करना, भविष्य में हमलों के खिलाफ गारंटी, अमेरिकी सैनिकों की वापसी और ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाना।
ईरान की मांगें:
ईरानी मीडिया के अनुसार, इस 14-पॉइंट प्रस्ताव में कई अहम शर्तें रखी गई हैं। इसमें फ्रीज किए गए ईरानी एसेट्स को रिलीज करने की मांग भी शामिल है। साथ ही युद्ध के नुकसान का मुआवजा भी मांगा गया है। इसके अलावा होर्मुज को लेकर नया मैकेनिज्म बनाने और अमेरिकी नेवल नाकेबंदी खत्म करने की बात कही गई है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि समझौते के बाद परमाणु कार्यक्रम पर अलग से बातचीत की जा सकती है। हालांकि इन मांगों को लेकर अमेरिका की प्रतिक्रिया अभी सख्त नजर आ रही है।
होर्मुज में तनाव, सीरिया बना नया तेल रूट
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई पर भी पड़ रहा है। होर्मुज में सुरक्षा जोखिम बढ़ने से तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। ऐसे में सीरिया एक वैकल्पिक ऊर्जा कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इराक से सैकड़ों तेल टैंकर सड़क मार्ग से सीरिया के बनियास पोर्ट तक पहुंच रहे हैं। वहां से तेल को यूरोप भेजा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह रास्ता महंगा है, लेकिन मौजूदा हालात में जरूरी विकल्प बन गया है।
ओपेक प्लस बैठक में तेल उत्पादन बढ़ाने पर चर्चा
इस बीच ग्लोबल ऑयल मार्केट पर भी बड़ा असर दिख रहा है। ओपेक प्लस के सदस्य देश आज तेल उत्पादन को लेकर अहम बैठक कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्पादन को रोजाना 1.88 लाख बैरल तक बढ़ाने पर सहमति बन सकती है। खास बात यह है कि यूएई इस बैठक में शामिल नहीं होगा। यूएई ने हाल ही में ओपेक प्लस से अलग होने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि उत्पादन सीमाओं को लेकर असंतोष इसकी बड़ी वजह है।
इजराइल का अलर्ट, लेबनान में लोगों को घर छोड़ने का आदेश
इसी बीच मिडिल ईस्ट में एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इजराइली सेना ने दक्षिण लेबनान के 12 कस्बों में रहने वाले लोगों को घर खाली करने का आदेश दिया है। सेना ने कहा है कि लोग अपने घरों से कम से कम 1000 मीटर दूर खुले इलाकों में चले जाएं। यह कार्रवाई हिजबुल्लाह के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन का हिस्सा बताई जा रही है।
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