ट्रम्प का बड़ा बयान : ईरान में फैसला कौन ले रहा साफ नहीं, पाकिस्तान दौरा रद्द; जंग से किया इनकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर बड़ा और साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि इस समय ईरान में असली फैसले कौन ले रहा है। यह स्पष्ट नहीं है। यही वजह है कि बातचीत की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। ट्रम्प ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने विशेष दूतों का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है। क्योंकि उन्हें लगा कि यह यात्रा बेकार जा रही थी और इससे कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने वाला था। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ईरान के साथ किसी नई जंग की तैयारी कर रहा है।
ट्रम्प प्रशासन ने ईरान के साथ बातचीत के लिए अपने दूत स्टिव विटकाफ और जेरड कुशनर को पाकिस्तान भेजने की योजना बनाई थी। यह दौरा लगभग 18 घंटे का लंबा ट्रिप था। लेकिन आखिरी समय में इसे रद्द कर दिया गया। ट्रम्प ने कहा कि इस यात्रा का कोई फायदा नहीं था। बातचीत की दिशा साफ नहीं थी। इसलिए समय और संसाधनों की बर्बादी से बचने के लिए यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान को बातचीत करनी है तो उसे खुद पहल करनी होगी। अमेरिका फिलहाल मजबूत स्थिति में है और “हमारे पास सारे पत्ते हैं।” इस बयान को एक तरह से दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
जंग पर ट्रम्प का रुख
ट्रम्प ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अभी किसी नई जंग के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कोई फैसला नहीं लिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका हर स्थिति के लिए तैयार है। जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। लेकिन फिलहाल प्राथमिकता बातचीत और डिप्लोमैटिक समाधान को दी जा रही है।
ईरान का रुख और पाकिस्तान की भूमिका
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान दौरे पर गए थे। उन्होंने शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ईरान की शर्तें और अमेरिकी प्रस्तावों पर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। अराघची ने अपने दौरे को “काफी उपयोगी” बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिश कर रहा है और यह एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही वे पाकिस्तान से रवाना हो गए, जिससे साफ है कि दोनों पक्षों के बीच समन्वय में कमी है।
पिछले 24 घंटे के बड़े अपडेट्स
पिछले एक दिन में इस पूरे क्षेत्र से कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। जर्मनी ने संकेत दिया है कि वह युद्ध खत्म होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट में माइंस हटाने के अंतरराष्ट्रीय मिशन में हिस्सा लेगा। यह कदम वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, इजराइल ने वेस्टर्न गलीली इलाके में एक संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया, जिसे सीजफायर का उल्लंघन बताया गया। ईरान ने मिनाब स्कूल हमले में मारी गई एक छात्रा का एआई वीडियो जारी किया है। इसे “फातिमा की कहानी” नाम दिया गया है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति हासिल करना माना जा रहा है। इसके अलावा, जंग के बाद ईरान से हज यात्रियों का पहला जत्था सऊदी अरब पहुंचा है, जो दोनों देशों के रिश्तों में सुधार का संकेत देता है।
फायरिंग घटना पर ट्रम्प का बयान
हाल ही में वॉशिंगटन में हुए फायरिंग मामले पर भी ट्रम्प ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में हमलावर का ईरान से कोई सीधा संबंध नहीं दिखता। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जल्द सामने आएगा।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










