होर्मुज में बढ़ा तनाव : अमेरिका ने डुबोईं सात ईरानी नावें, ट्रम्प की सख्त चेतावनी

मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। यूएस और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में बड़ा सैन्य टकराव हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान की सात छोटी नावों को डुबो दिया है। ट्रम्प के अनुसार, ये नावें अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमला कर रही थीं। घटना के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। हालांकि, ईरान ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस कार्रवाई के बाद बेहद सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब सिर्फ दो रास्ते हैं। पहला, ईमानदारी से समझौता करे। दूसरा, और बड़े हमलों के लिए तैयार रहे। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर ईरानी सेना ने अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया तो उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। ट्रम्प का यह बयान वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। इसे सीधा युद्ध का संकेत भी माना जा रहा है।
‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ से बढ़ी गतिविधि
अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ ऑपरेशन शुरू किया है। इसका मकसद व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा देना है। इसी ऑपरेशन के दौरान यह टकराव हुआ। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल और व्यापारिक सामान गुजरता है। इस रास्ते पर किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
ईरान का दावा, अलग कहानी
ईरान ने पहले ही दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका कंट्रोल है। उसने कहा है कि उसकी अनुमति के बिना कोई जहाज यहां से नहीं गुजर सकता। वहीं ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। एजेंसी का दावा है कि अमेरिका ने सैन्य नावों की बजाय दो नागरिक कार्गो जहाजों पर हमला किया। इसमें 5 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। हालांकि अमेरिका ने इन आरोपों को खारिज किया है।
24 घंटे में 5 बड़े घटनाक्रम
बीते 24 घंटे में कई बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। ईरान ने फुजैराह में एक पेट्रोलियम प्लांट पर ड्रोन हमला किया। इस हमले में आग लग गई और तीन भारतीय घायल हो गए। इसके अलावा एक दक्षिण कोरियाई जहाज पर भी हमला हुआ, जिसमें आग लगने की खबर है। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने जब्त ईरानी जहाज ‘टूस्का’ को पाकिस्तान को सौंप दिया। वहीं ईरान में तीन लोगों को फांसी दी गई, जिन पर जासूसी का आरोप था। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।
चीन की एंट्री, आर्थिक मोर्चा गरम
इस पूरे मामले में चीन भी सक्रिय हो गया है। चीन ने एक नया कानून लागू किया है, जिसके तहत वह उन कंपनियों पर कार्रवाई करेगा जो अमेरिकी प्रतिबंधों का पालन करेंगी। यह कदम खास तौर पर ईरान के तेल व्यापार को बचाने के लिए उठाया गया है। चीन की रिफाइनरियां ईरानी तेल की बड़ी खरीदार हैं। ऐसे में यह फैसला अमेरिका-चीन के बीच आर्थिक टकराव को भी बढ़ा सकता है।
होर्मुज का बढ़ता महत्व और खतरा
होर्मुज स्ट्रेट पिछले कुछ महीनों से विवाद का केंद्र बना हुआ है। मार्च में ईरान ने इस पर कंट्रोल का दावा किया था। अप्रैल में सीजफायर की कोशिश हुई, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके। अब अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ और सैन्य कार्रवाई ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। यह इलाका अब सिर्फ व्यापार का नहीं, बल्कि रणनीतिक शक्ति प्रदर्शन का मैदान बन चुका है।
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