एयर इंडिया उड़ान के अचानक गिरने की जांच तेज: कल दिल्ली पहुंचेगी फ्रांस की टीम, एक मिनट में दर्ज हुए नौ फॉल्ट मैसेज
फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की उड़ान में अचानक तेज झटकों और विमान के करीब 300 फीट नीचे जाने की घटना की जांच अब अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की मदद से आगे बढ़ाई जा रही है। संदिग्ध तकनीकी खराबी से जुड़े इस मामले की जांच भारतीय विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआइबी) के नेतृत्व में हो रही है। इसी क्रम में विमान निर्माता कंपनी एयरबस और फ्रांस की ब्यूरो ऑफ इंक्वायरी एंड एनालिसिस (बीईए) की विशेष टीमें बुधवार को नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।
जांच में सामने आया है कि उड़ान के दौरान एयरबस ए320 नियो के तीनों हाइड्रोलिक सिस्टम में करीब एक मिनट के भीतर संयुक्त रूप से नौ फॉल्ट मैसेज दर्ज हुए थे। अब विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि विमान में पहले तेज टर्बुलेंस आया था या हाइड्रोलिक सिस्टम से जुड़े फॉल्ट मैसेज सामने आए थे। इसके लिए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) से मिले आंकड़ों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। एयरोस्पेस सॉफ्टवेयर से जुड़ी संभावित गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है।
घटना का पूरा क्रम तैयार कर रही एएआइबी
एयरबस की तकनीकी टीम विमान के ऑन-बोर्ड डेटा और उसकी भौतिक प्रणालियों की जांच करेगी, जबकि बीईए के विशेषज्ञ ब्लैक बॉक्स से मिले जटिल डेटा के विश्लेषण में तकनीकी सहयोग देंगे। एएआइबी की टीम यात्रियों की ओर से बनाए गए वीडियो, केबिन क्रू के बयान और रडार डेटा को ब्लैक बॉक्स के टाइम-सिंक के साथ मिलाकर घटना का पूरा क्रम तैयार कर रही है।
पायलटों का कराया गया दोबारा डोप टेस्ट
घटना के बाद मानक एसओपी के तहत फ्लाइट क्रू का डोप और अल्कोहल टेस्ट कराया गया था। जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पायलटों का दोबारा डोप टेस्ट भी कराया गया। इसकी रिपोर्ट को आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। दूसरी ओर, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने ए320 नियो विमानों के हाइड्रोलिक और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की विशेष सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं।











