हंगामे के बीच मानसून सत्र शुरू: विपक्ष के शोरगुल से लोकसभा 12 बजे तक स्थगित, सरकार-विपक्ष में टकराव

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को राजनीतिक तल्खी के बीच हुई। सत्र के पहले ही दिन विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के तीखे विरोध के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी, जबकि राज्यसभा में भी हंगामे का माहौल रहा। एक ओर केंद्र सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है। वहीं, विपक्ष भी विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरा।
मानसून सत्र के पहले दिन ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही निर्धारित समय से पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। राज्यसभा में भी विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया। सरकार की प्राथमिकता आयकर संशोधन विधेयक, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक और सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक समेत सात महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराना है। दूसरी ओर विपक्ष नीट-यूजी पेपर लीक और अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
पीएम मोदी ने उत्पादक सत्र की जताई उम्मीद
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे अच्छा मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, वैसे ही सकारात्मक और उत्पादक मानसून सत्र भी देशहित में महत्वपूर्ण है। उन्होंने आशा जताई कि यह सत्र रचनात्मक चर्चा और जनकल्याणकारी निर्णयों का माध्यम बनेगा। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति रही है। पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरक जैसे क्षेत्रों में कई कठिनाइयों के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर दर्ज कर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज वृद्धि बनाए रखी।
विपक्ष ने उठाए कई अहम मुद्दे
बसपा प्रमुख मायावती ने सत्र के सुचारु संचालन की अपील करते हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष से राष्ट्रीय मुद्दों पर सहयोगात्मक रवैया अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों में जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को संसद में प्रमुखता से उठाएगी। वहीं कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने नए दल-बदल विरोधी कानून के नियमों पर चर्चा कराने के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।
राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े विधेयक पर भी नजर
सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन संबंधी विधेयक पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन में वंदे मातरम् के अपमान अथवा उसके गायन में बाधा उत्पन्न करने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान कई अहम विधायी और राजनीतिक मुद्दों पर तीखी बहस होने के संकेत मिल रहे हैं।
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