PM आवास पर विपक्ष का धरना: राहुल, प्रियंका, अखिलेश हिरासत में, 5 घंटे चला सियासी ड्रामा

नई दिल्ली|1 घंटा पहले
राहुल, प्रियंका, अखिलेश हिरासत में, 5 घंटे चला सियासी ड्रामा

प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पुलिस कार्रवाई के साथ समाप्त हो गया। करीब पांच घंटे तक चले धरने में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई सीनियर लीडर्स शामिल रहे। बाद में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी प्रदर्शन में पहुंचे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल, प्रियंका और अखिलेश सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

कांग्रेस सांसद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने उनके राजाजी मार्ग स्थित आवास पहुंचे। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने अचानक प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च शुरू कर दिया। कुछ देर बाद सभी नेता सात लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से जवाब तथा इस्तीफे की मांग भी उठाई।

पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और सुरक्षा घेरा

पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेना शुरू किया। इनमें चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नेता शामिल रहे। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी सांसदों को जिप टाई बांटी, ताकि वे एक-दूसरे के हाथ बांधकर पुलिस कार्रवाई का विरोध कर सकें। प्रधानमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई।

सरकार और कांग्रेस के बीच बातचीत बेनतीजा

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरना स्थल पहुंचे और राहुल गांधी से बातचीत की। हालांकि यह वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और संसद में चर्चा सहित अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

अखिलेश यादव भी धरने में हुए शामिल

कांग्रेस नेताओं ने घोषणा की कि छात्रों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और सांसद लंबे समय तक धरना देने के लिए तैयार हैं। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अपने समर्थकों के साथ धरनास्थल पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने आसपास के सभी रास्तों पर निगरानी और कड़ी कर दी।

चर्चा पर सहमति के दावे के बीच बढ़ा टकराव

राकांपा नेता सुप्रिया सुले भी धरने में शामिल हुईं। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर दावा किया कि सरकार ने संसद में नीट पेपर लीक और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा की कांग्रेस की मांग स्वीकार कर ली थी। लेकिन बाद में राहुल गांधी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की नई शर्त पर अड़ गए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने इस विषय पर चर्चा के लिए औपचारिक नोटिस नहीं दिया।

प्रियंका से मिलने पहुंचीं सोनिया गांधी

पुलिस ने प्रदर्शन समाप्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी। सांसदों और सीनियर लीडर्स को बसों में बैठाकर वहां से हटाया गया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के दौरान उनकी नाक से खून निकलता दिखाई दिया। पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास के आसपास का पूरा क्षेत्र खाली करा दिया, जिसके साथ धरना समाप्त हो गया। कांग्रेस के अनुसार राहुल गांधी को मॉडल टाउन थाने ले जाया गया, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने में रखा गया। देर शाम सोनिया गांधी भी प्रियंका से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंचीं।

नव्य जागरण

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