राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संसद में तीखा टकराव: हंगामे के बीच सत्ता और विपक्ष आमने-सामने, राज्यसभा में सरकार से जवाब की मांग

नई दिल्ली|04 अगस्त 2026
हंगामे के बीच सत्ता और विपक्ष आमने-सामने, राज्यसभा में सरकार से जवाब की मांग

संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस मुद्दे पर हुए हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज तीन मिनट बाद दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही भी करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर प्रदर्शन किया।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े आरोपों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और इसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में की थी। खड़गे ने कहा कि ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि सौंपी गई तथा प्रधानमंत्री राम मंदिर से जुड़े प्रमुख आयोजनों में भी शामिल होते रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ट्रस्ट पर नकदी, चढ़ावे, गहनों और जमीन से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां क्या कर रही हैं। उन्होंने सरकार से इस विषय पर सदन में स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

रिजिजू का विपक्ष पर पलटवार

खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी वर्षों तक भगवान राम और राम मंदिर का विरोध करती रही हैं। उनके अनुसार, राम मंदिर निर्माण के समय भी विपक्ष ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया था। रिजिजू ने आरोप लगाया कि अब वही दल इस मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

रिजिजू ने कहा कि जो दल पहले भगवान राम का विरोध करते रहे, उन्हें सरकार से जवाब मांगने से पहले देश से माफी मांगनी चाहिए। वहीं विपक्ष लगातार चढ़ावे और ट्रस्ट से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा रहा। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी।

नव्य जागरण

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