हंगामे के बीच संसद बाधित: दानपेटी लेकर सपा ने किया प्रदर्शन, पेपर लीक बिल पर आज फिर होगी चर्चा

संसद के मानसून सत्र में बुधवार को भी राजनीतिक टकराव का माहौल देखने को मिला। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके चलते अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। वहीं संसद परिसर में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के सांसद दानपेटी लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री पर दिए अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने सच बोला है और आगे भी बोलती रहेंगी। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन में गाली-गलौज की भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
लोकसभा में बुधवार को 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर लगातार दूसरे दिन चर्चा प्रस्तावित है। मंगलवार को इस विधेयक पर करीब नौ घंटे तक बहस चली थी। विपक्ष के नेता राहुल गांधी के दोपहर करीब 12:30 बजे इस विधेयक पर अपनी बात रखने की संभावना जताई गई है। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 सदन में पेश करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक भी पेश करेंगे।
एक सप्ताह के गतिरोध के बाद शुरू हुई बहस
20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष के लगातार विरोध के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित रही। इसी वजह से संशोधन विधेयक पेश होने के बावजूद उस पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी थी। बाद में 27 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, सरकार और विपक्ष के नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी और 28 जुलाई से विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। पहले दिन केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई और प्रियंका गांधी तथा समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बहस में हिस्सा लिया।
संसद परिसर में भी दिखा सियासी टकराव
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर ट्रस्ट में चंदा चोरी और पेपर लीक के मुद्दे को जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग श्रद्धालुओं के दान की सुरक्षा नहीं कर सके, उनसे परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाए रखने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। दूसरी ओर भाजपा सांसदों ने झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में संसद परिसर में प्रदर्शन किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही निर्धारित समय से पहले स्थगित करनी पड़ी।
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