मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह से मची भगदड़: ट्रेन हादसे में यूपी के चार यात्रियों की मौत, दूसरी पटरी पर आई ट्रेन से हुआ हादसा

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक दर्दनाक रेल हादसे में उत्तर प्रदेश के चार यात्रियों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब ट्रेन के एक कोच में मोबाइल फोन फटने और आग लगने की अफवाह फैल गई। अफवाह से घबराए कुछ यात्री चलती ट्रेन रुकने के बाद नीचे उतर गए और दूसरी पटरी पर पहुंच गए। इसी दौरान तेज रफ्तार एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक महिला और उसका चार वर्षीय पुत्र भी शामिल हैं। घटना के बाद रेलवे प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच अचानक रुक गई थी। जांच में पता चला कि ट्रेन में किसी यात्री द्वारा अलार्म चेन पुलिंग की गई थी। जिसके कारण ट्रेन को बीच सेक्शन में रोकना पड़ा। इसी दौरान एक कोच में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह फैल गई। सूचना फैलते ही यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग बिना स्थिति की पुष्टि किए ट्रेन से नीचे उतरने लगे।
मौके पर तोड़ा दम
घबराहट में ट्रेन से उतरे कुछ यात्री पास की अप लाइन पर पहुंच गए। उसी समय गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से वहां से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद चार यात्री उसकी चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि चारों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान मेरठ निवासी कंचन सिंह, आगरा के रुनकता क्षेत्र की शकुंतला सिंह, आगरा निवासी आफरीन और उनके चार वर्षीय पुत्र असद के रूप में हुई है। आफरीन और असद मां-बेटे थे। जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
एक महिला यात्री ने बताया कि कोच में मोबाइल फटने की चर्चा फैलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी। चेन पुलिंग के बाद ट्रेन रुकते ही लोग जल्दबाजी में नीचे उतरने लगे। कई यात्रियों ने बिना यह देखे कि दूसरी लाइन पर ट्रेन आ रही है या नहीं, ट्रैक की ओर दौड़ लगा दी। कुछ ही क्षणों में हादसा हो गया और पूरे क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई।
परिजनों को सहायता का भरोसा
मुरैना पुलिस और रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि चेन पुलिंग किसने की और मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह कैसे फैली। पुलिस ने सभी बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अफवाहों पर भरोसा करना और रेलवे ट्रैक पर लापरवाही से उतरना कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।







