देवीपाटन रेंज के आईजी अमित पाठक का एनएसजी में चयन: केंद्र सरकार ने दी प्रतिनियुक्ति की मंजूरी, राष्ट्रीय सुरक्षा की कमान में निभाएंगे अहम भूमिका

गोंडा|2 घंटे पहले
केंद्र सरकार ने दी प्रतिनियुक्ति की मंजूरी, राष्ट्रीय सुरक्षा की कमान में निभाएंगे अहम भूमिका

देवीपाटन रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमित पाठक को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही वर्ष 2007 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अमित पाठक की देश के प्रतिष्ठित आतंकवाद रोधी बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में आईजी पद पर तैनाती तय हो गई है। पुलिस महकमे में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि और उनके उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

अमित पाठक को उत्तर प्रदेश पुलिस के सक्षम, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों में गिना जाता है। देवीपाटन रेंज में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती जिलों को शामिल करने वाली देवीपाटन रेंज में उन्होंने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। विभागीय कार्यों में शिथिलता, भ्रष्टाचार अथवा जनता की शिकायतों की अनदेखी करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध उन्होंने कठोर कार्रवाई की। उनके कार्यकाल में एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया। जिससे विभागीय अनुशासन को मजबूती मिली।

पारदर्शी पुलिसिंग और जनसंवाद पर दिया जोर

आईजी अमित पाठक ने पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने थानों में शिकायतों के त्वरित निस्तारण, फरियादियों की सुनवाई की। जनता से सीधे संवाद की व्यवस्था को मजबूत किया। उनके प्रयासों से पुलिस और आमजन के बीच विश्वास बढ़ाने में उल्लेखनीय सफलता मिली। अधिकारियों के अनुसार उन्होंने पुलिसिंग को केवल कानून लागू करने तक सीमित न रखकर उसे जनसेवा से जोड़ने का प्रयास किया।

संवेदनशील परिस्थितियों में निभाई अहम भूमिका

देवीपाटन रेंज में तैनाती के दौरान कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी अमित पाठक का नेतृत्व प्रभावी रहा। बहराइच में हुई हिंसक घटनाओं के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसके अलावा नेपाल में बड़े पैमाने पर चले आंदोलनों और सीमावर्ती क्षेत्रों में उत्पन्न संवेदनशील परिस्थितियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में भी उन्होंने सक्रिय नेतृत्व किया। सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उनके प्रयासों की व्यापक सराहना हुई।

नेशनल लेवल पर नई जिम्मेदारी

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के बाद अमित पाठक अब राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड में आईजी के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। एनएसजी देश की सबसे महत्वपूर्ण आतंकवाद रोधी और विशेष अभियान इकाइयों में शामिल है। जहां उच्च स्तर की रणनीतिक क्षमता, नेतृत्व कौशल और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता की आवश्यकता होती है। पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि वे नेशनल लेवल पर भी अपनी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता का प्रभाव छोड़ेंगे।

नव्य जागरण

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