रेलवे कर्मचारियों से 17.22 लाख की ठगी: रजिस्ट्री के बाद भी नहीं मिली जमीन, दो आरोपियों पर केस दर्ज

जमीन खरीदने का सपना दिखाकर रेलवे के चार कर्मचारियों से लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। गुलरिहा थाना क्षेत्र में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार आरोपियों ने जमीन उपलब्ध कराने के नाम पर रेलवे कर्मचारियों से 22.12 लाख रुपये लिए, लेकिन न तो वादे के अनुरूप जमीन उपलब्ध कराई और न ही पूरी रकम वापस की। पीड़ितों का आरोप है कि केवल 4.90 लाख रुपये लौटाए गए। जबकि 17.22 लाख रुपये अब भी बकाया हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार बिहार के बेगूसराय निवासी अमित कुमार, गोपालगंज निवासी कुंदन कुमार, एक अन्य अमित कुमार तथा बरौनी निवासी अगम कुमार रेलवे कर्मचारी हैं। चारों की तैनाती रेलवे कारखाना गोरखपुर में रहने के दौरान हुई थी। इसी दौरान उनकी पहचान बशारतपुर के ओमनगर निवासी मिथिलेश्वर कुमार से हुई। आरोप है कि मिथिलेश्वर ने अपने रिश्तेदार चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी के माध्यम से आकर्षक स्थान पर जमीन दिलाने का भरोसा दिलाया। इसी विश्वास में कर्मचारियों ने निवेश का निर्णय लिया।
लोन और उधार लेकर जुटाई रकम
शिकायत के मुताबिक जमीन खरीदने के लिए कर्मचारियों ने बैंक से ऋण लिया और कुछ रकम ब्याज पर उधार भी जुटाई। इसके बाद आरोपियों के बताए खातों में किस्तों के माध्यम से लाखों रुपये जमा कराए गए। पीड़ितों का कहना है कि दो कर्मचारियों के नाम जमीन की रजिस्ट्री तो कराई गई। उस भूमि तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं अन्य दो कर्मचारियों को जमीन देने का आश्वासन देकर उनसे भी रकम ले ली गई। लेकिन न तो जमीन दी गई और न ही कोई वैकल्पिक समाधान प्रस्तुत किया गया।
रकम मांगने पर मिली धमकी
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी शेष रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। बाद में विरोध करने पर गाली-गलौज की गई। गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इसके बाद चारों कर्मचारियों ने एसएसपी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई।
जांच के बाद दर्ज हुआ केस
मामले की प्रारंभिक जांच के बाद एसएसपी के निर्देश पर गुलरिहा पुलिस ने मिथिलेश्वर कुमार और चंद्रिका प्रसाद साहनी उर्फ चंदू साहनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी जेपी पाल ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जा रही है। बैंक लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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