पुलिस ने सपा नेता को 16 घंटे किया नजरबंद: लोकतांत्रिक कार्यक्रम में जाने पर रोक , पार्टी ने प्रशासन से मांगा जवाब

समाजवादी पार्टी के गोरखपुर महानगर उपाध्यक्ष रौनक श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें करीब 16 घंटे तक घर से बाहर नहीं निकलने दिया। उनका कहना है कि इस कारण वह पार्टी के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। सपा ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रशासन से जवाब मांगा है।
रौनक श्रीवास्तव ने बताया कि रात में पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। उनका आरोप है कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें घर में ही रोक दिया गया। इससे वह पार्टी के लोकतांत्रिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक कार्यकर्ता को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और कार्यक्रमों में भाग लेने का संवैधानिक अधिकार है। यदि कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की आशंका थी तो उसका समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता था।
अन्य नेताओं को भी रोके जाने का दावा
सपा नेता ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई और विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने इसे संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया। पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का मूल अधिकार है। समाजवादी पार्टी का दावा है कि रौनक श्रीवास्तव के अलावा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैसी, चंद्रभान प्रजापति, जनार्दन चौधरी, महेंद्र यादव, राहुल यादव, गणेश पासवान, हीरालाल यादव, इमरान खान, अमर अग्रहरि और इमरान दानिश समेत कई अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी उनके घरों पर रोका गया। पार्टी ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
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