पुराने परिसर में लौटेगा गोरखपुर कलेक्ट्रेट: एक छत के नीचे एकीकृत होंगे 19 विभाग, अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण कार्य

करीब चार वर्षों से अस्थायी भवन से संचालित हो रहा गोरखपुर कलेक्ट्रेट इस वर्ष के अंत तक अपने पुराने परिसर में लौटने की तैयारी में है। कलेक्ट्रेट परिसर में बन रहे अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन का निर्माण दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विधानसभा चुनाव 2027 की अधिसूचना से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसका लोकार्पण कराने की तैयारी चल रही है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी विभाग नए भवन में स्थानांतरित किए जाएंगे। इससे पहली बार 19 महत्वपूर्ण प्रशासनिक विभाग एक ही परिसर से संचालित होंगे और आम लोगों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पुराना कलेक्ट्रेट भवन जर्जर घोषित होने के बाद जून 2022 में जिलाधिकारी कार्यालय और कलेक्ट्रेट के विभिन्न अनुभागों को रेलवे बस स्टेशन के पास स्थित क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय भवन में स्थानांतरित किया गया था। अब पुराने परिसर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया भवन लगभग तैयार है। निर्माण एजेंसी देवांश इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड करीब 240 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना विकसित कर रही है। हालांकि न्यायालय से जुड़े मामलों के कारण निर्माण कार्य करीब एक वर्ष प्रभावित रहा।
दोनों भवनों में कुल 14 लिफ्ट की होगी सुविधा
पहले चरण में जिलाधिकारी कार्यालय और कलेक्ट्रेट के सभी अनुभाग नए भवन में स्थानांतरित होंगे। इसके बाद दूसरे चरण में पुराने आरटीओ परिसर से पुलिस कार्यालय को भी यहां शिफ्ट किया जाएगा। परिसर में 500 चारपहिया और 500 दोपहिया वाहनों की पार्किंग, 300 लोगों की क्षमता वाला आधुनिक ऑडिटोरियम तथा दोनों भवनों में कुल 14 लिफ्ट की सुविधा होगी। इससे प्रशासनिक सेवाएं अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
एकीकृत मंडलीय कार्यालय भी तेजी से आकार ले रहा
रेलवे रोड स्थित नलकूप परिसर में 13.50 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा एकीकृत मंडलीय कार्यालय भी तेजी से निर्माणाधीन है। यहां मुख्य कार्यालय भवन, कोर्ट ब्लॉक, बैंक भवन, एडवोकेट ब्लॉक और सिंचाई विभाग के स्टाफ क्वार्टर बनाए जा रहे हैं। जीडीए के अनुसार मुख्य भवन के बेसमेंट की राफ्ट और फुटिंग का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बेसमेंट स्लैब तक 95 प्रतिशत कॉलम तैयार हैं। 200 मीटर लंबी रिटेनिंग वॉल भी बनकर तैयार हो चुकी है।
ग्राउंड फ्लोर की शटरिंग शुरू
कोर्ट ब्लॉक का बेसमेंट पूरा होने के बाद भूतल स्लैब की शटरिंग जारी है। पीछे स्थित भवन का ढांचा दूसरे तल तक पहुंच चुका है। वहीं, सात मंजिला एडवोकेट ब्लॉक के बेसमेंट पर तेजी से कार्य चल रहा है। परियोजना के लिए सिंचाई और विद्युत विभाग के 29 कार्यालयों को अस्थायी रूप से जीडीए टावर में स्थानांतरित किया गया है। साथ ही सिंचाई विभाग के 69 आवासों में से 54 परिवारों को अन्य योजनाओं में स्थानांतरित किया जा चुका है। नजूल भूमि के मुद्रीकरण, पर्यावरणीय स्वीकृति और मानचित्र अनुमोदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को और गति मिलने की उम्मीद है।
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