2 साल बाद मिला लापता बेटा: थाने में मां से लिपटकर रोया मासूम, बहनोई पर नवजात को छिपाने का आरोप

पीपीगंज क्षेत्र से दो वर्ष पहले रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए नवजात बच्चे को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। बेटे के मिलने की सूचना मिलते ही माता-पिता पीपीगंज थाने पहुंचे। जहां अपने लाल को देखकर मां की आंखें भर आईं। वह बच्चे से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी। इस भावुक पल को देखकर थाने में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पुलिस ने मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
महराजगंज के आनंदनगर निवासी हृदेश यादव ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले उनकी पत्नी सरोज देवी ने पीपीगंज स्थित एक निजी अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद घर लौटते समय नवजात की तबीयत बिगड़ गई। इस पर उन्होंने अपने बहनोई अभय यादव उर्फ खन्ना को बुलाया। अभय ने बच्चे को बेहतर इलाज के लिए अपने साथ ले जाने की बात कही और हृदेश को पत्नी को घर पहुंचाने के लिए कहा। हृदेश का आरोप है कि बाद में बहनोई लगातार उन्हें बहलाता रहा। बच्चे के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी। कुछ समय बाद उसने दावा किया कि नवजात की मौत हो गई है। हालांकि परिवार को उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ। वे लगातार बच्चे की तलाश में जुटे रहे।
शक गहराया तो खुला राज
परिजनों को हाल ही में जानकारी मिली कि अभय यादव ने बच्चे को लावारिस बताकर किसी अन्य परिवार को सौंप दिया था। इस सूचना के आधार पर मामला पुलिस तक पहुंचा। पीपीगंज पुलिस ने संदिग्ध से कड़ाई से पूछताछ की। जिसके बाद बच्चे का पता चल गया और उसे सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने परिवार को सौंपा बच्चा
पुलिस ने बच्चे को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। परिवार ने बेटे की सकुशल वापसी पर पुलिस का आभार व्यक्त किया है। हृदेश यादव की एक तीन वर्षीय बेटी भी है। एसपी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिवार में दो वर्षों बाद खुशी लौटने से उत्साह का माहौल है।
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