पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची की बड़ी सफाई: 62 प्रतिशत सत्यापन पूरा, 14 हजार डुप्लीकेट वोटर चिन्हित

जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने का अभियान तेजी से चल रहा है। प्रशासन की ओर से संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन का कार्य जारी है। जिसमें अब तक करीब 62 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सत्यापन के दौरान लगभग 14 हजार ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज पाए गए। ऐसे सभी नामों को सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
दरअसल, विधानसभा चुनावों के बाद अब पंचायत चुनावों की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसी क्रम में पंचायत चुनाव की मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाने का काम चल रहा है। विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान पंचायत और विधानसभा मतदाता सूची के आंकड़ों में असामान्य समानता सामने आने के बाद प्रशासन सतर्क हुआ। पंचायत चुनाव की प्रारंभिक सूची में जहां मतदाताओं की संख्या लगभग 29 लाख 88 हजार थी, वहीं SIR के बाद यह संख्या बढ़कर करीब 31 लाख पहुंच गई। यह आंकड़ा पूरे जिले की विधानसभा मतदाता संख्या के लगभग बराबर था, जिसमें नगर पंचायत क्षेत्र के मतदाता भी शामिल हैं। इसी वजह से प्रशासन ने संभावित डुप्लीकेट नामों की दोबारा जांच शुरू कराई।
कई चरणों में चल रहा सत्यापन अभियान
प्रशासन ने सबसे पहले बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के माध्यम से गांव स्तर पर मतदाता सूची की जांच कराई। इस दौरान शुरुआती चरण में लगभग 30 हजार डुप्लीकेट नाम चिन्हित किए गए। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने 5 लाख 16 हजार संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची जिले को भेजी। यह सूची ब्लॉक स्तर पर तैयार की गई थी, जिसमें एक ही व्यक्ति के नाम एक से अधिक ग्राम पंचायतों में दर्ज होने की संभावना जताई गई थी।
बीएलओ को दिए गए निर्देश
बीएलओ को निर्देश दिए गए कि वे संबंधित मतदाताओं के आधार कार्ड के अंतिम चार अंक सूची में अपडेट करें। इस प्रक्रिया के बाद करीब एक लाख 51 हजार मतदाता डुप्लीकेट पाए गए। पहले चरण में कुल एक लाख 81 हजार डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। हालांकि इसी दौरान लगभग दो लाख नए मतदाता भी जुड़े, जिससे अंतिम आंकड़ों पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।
तीसरे चरण में फिर मिले हजारों डुप्लीकेट वोटर
कुछ समय बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दूसरी सूची भेजी गई, जिसमें 12 लाख 37 हजार संभावित डुप्लीकेट नाम शामिल थे। इस बार सूची पूरे जिले को इकाई मानकर तैयार की गई थी। जांच के दौरान करीब एक लाख 27 हजार मतदाता डुप्लीकेट पाए गए और उनके नाम सूची से हटाए गए। अब तीसरे चरण में 11 लाख 33 हजार संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की नई सूची पर सत्यापन कार्य चल रहा है। अब तक 62 प्रतिशत जांच पूरी हो चुकी है और लगभग 14 हजार मतदाता डुप्लीकेट पाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि शेष सत्यापन कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है।
जनगणना कार्य से प्रभावित हो रही प्रक्रिया
जिला निर्वाचन कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, बीएलओ फिलहाल जनगणना से जुड़े कार्यों में भी व्यस्त हैं, जिसके कारण मतदाता सत्यापन अभियान की गति प्रभावित हो रही है। यही वजह है कि 28 मई की निर्धारित अंतिम तिथि को आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के बाद ही पंचायत चुनाव की अंतिम तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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