समाधान दिवस पर कमिश्नर का औचक निरीक्षण: नौ अधिकारियों का वेतन रोका, दोबारा अनुपस्थिति पर कड़ी कार्रवाई की दी चेतावनी

मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने सहजनवा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के नौ अधिकारी अनुपस्थित मिले। जिस पर मंडलायुक्त ने उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए। उनके साथ डीआईजी एस. चनप्पा भी मौजूद रहे। अधिकारियों की अनुपस्थिति को जनसमस्याओं के निस्तारण में गंभीर लापरवाही मानते हुए मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों में किसी भी स्तर की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान पाली एवं पिपरौली के खंड शिक्षा अधिकारी, सहजनवा के बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), चकबंदी अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता, सहजनवा, पिपरौली और पाली के पशु चिकित्साधिकारी तथा सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता (ड्रेनेज) अनुपस्थित पाए गए। मंडलायुक्त ने सभी का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी स्तर से एक अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करने को कहा, जो समाधान दिवसों की नियमित मॉनिटरिंग करेगा।
फरियादियों की समस्याएं भी सुनीं
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने राजस्व और भूमि विवाद से संबंधित कई शिकायतों की सुनवाई भी की। प्रमोद कुमार, सरस्वती देवी, भजुराम और संतोष पाण्डेय सहित अन्य फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीएम केशरी नंदन तिवारी को कई मामलों में व्यक्तिगत रूप से कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
डीआईजी ने निष्पक्ष निस्तारण पर दिया जोर
डीआईजी एस. चनप्पा ने भी पुलिस से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण पर जोर दिया। मंडलायुक्त ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कोई अधिकारी समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से अनुपस्थित पाया गया तो उसके विरुद्ध और अधिक कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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