DDU में तैयार SC-ST हॉस्टल का आवंटन अटका: छात्र संगठन ने किया प्रदर्शन, विकास भवन पहुंचकर CDO की गाड़ी को घेरा

DDU गोरखपुर यूनिवर्सिटी में छात्राओं के लिए तैयार किए गए SC-ST हॉस्टल के आवंटन में हो रही देरी को लेकर मंगलवार को छात्र संगठन आंदोलन पर उतर आया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विकास भवन पहुंचे और मुख्य विकास अधिकारी की गाड़ी का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने कार्यालय परिसर के बाहर बैठकर नारेबाजी की और प्रशासन पर लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि समाज कल्याण विभाग की ओर से यूनिवर्सिटी परिसर में 100 बेड का SC-ST छात्रावास बनकर पूरी तरह तैयार है, लेकिन महीनों बाद भी उसका आवंटन शुरू नहीं किया गया। इससे दूरदराज क्षेत्रों से पढ़ने आने वाली छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर मामले को टाल दिया जाता है।
“सरकारी संसाधनों का लाभ जरूरतमंद छात्रों को मिले”
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी धन से तैयार छात्रावास का लाभ अब तक जरूरतमंद छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उनका कहना था कि यदि सरकार और प्रशासन की योजनाएं छात्रों तक नहीं पहुंचेंगी, तो ऐसे निर्माण कार्यों का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। छात्र नेताओं ने कहा कि एक जिम्मेदार छात्र संगठन होने के नाते उनका दायित्व है कि छात्रों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए आवाज उठाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर फाइलों और तकनीकी आपत्तियों के नाम पर मामले को लगातार लंबित रखा जा रहा है, जबकि छात्राओं को रोजाना किराए के कमरों और असुरक्षित माहौल में रहना पड़ रहा है।
संरचनात्मक कमियों का हवाला देकर रुका हस्तांतरण
विरोध प्रदर्शन के बाद CDO ने छात्र प्रतिनिधियों को अपने कार्यालय में बुलाकर बातचीत की। इस दौरान छात्र संगठन ने अपनी मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि हॉस्टल का निर्माण कार्य काफी पहले पूरा हो चुका है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुछ संरचनात्मक कमियों का हवाला देते हुए कार्यदायी संस्था UPCLDF से भवन का हस्तांतरण लेने से इनकार कर दिया है। छात्र संगठन ने मांग की कि जिन तकनीकी या संरचनात्मक कमियों का हवाला दिया जा रहा है, उन्हें तत्काल दूर कराया जाए। साथ ही कार्य पूरा करने की स्पष्ट समयसीमा सार्वजनिक की जाए। जिससे छात्राओं को जल्द राहत मिल सके। संगठन ने यह भी मांग रखी कि हॉस्टल को शीघ्र यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंपकर छात्राओं के प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
छात्र संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय के भीतर हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन ने कहा कि छात्रहितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर यूनिवर्सिटी से लेकर जिला मुख्यालय तक चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। वहीं, CDO ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागों से बातचीत कर जल्द समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी तकनीकी अड़चनों को दूर करते हुए हॉस्टल आवंटन प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
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