आज शाम आसमान में दिखेगा मून और ज्यूपिटर का अद्भुत संगम: सूर्यास्त के बाद दिखाई देगा दुर्लभ खगोलीय नजारा, बिना टेलिस्कोप के भी होगा साफ दर्शन

शहर में बुधवार की शाम खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बेहद खास होने वाली है। सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में मून और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह ज्यूपिटर की शानदार कॉन्जंक्शन दिखाई देगी। यह दुर्लभ खगोलीय घटना देर रात तक आसमान में नजर आएगी और खास बात यह है कि इसे देखने के लिए किसी महंगे उपकरण या टेलिस्कोप की जरूरत नहीं होगी। साफ मौसम और खुला पश्चिमी आसमान होने पर लोग इस अद्भुत दृश्य का आनंद खुली आंखों से ही उठा सकेंगे। खगोलविदों के मुताबिक यह नजारा बच्चों, युवाओं और स्काई वॉचर्स के लिए किसी साइंटिफिक ट्रीट से कम नहीं होगा।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद पश्चिम दिशा में एक चमकदार क्रेसेंट मून के पास ज्यूपिटर बेहद उज्ज्वल रूप में दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आसमान में एक-दूसरे के काफी करीब नजर आएंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टि से दोनों के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि यह केवल पृथ्वी से दिखाई देने वाला लाइन ऑफ साइट इफेक्ट होता है, जिसे खगोल विज्ञान में कॉन्जंक्शन कहा जाता है।
क्या होती है कॉन्जंक्शन?
खगोल विज्ञान में जब दो खगोलीय पिंड पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देते हैं, तो उसे कॉन्जंक्शन कहा जाता है। अमर पाल सिंह के अनुसार इस बार चंद्रमा और बृहस्पति करीब तीन डिग्री की एंगुलर सेपरेशन पर नजर आएंगे। यही वजह है कि दोनों को एक साथ आसानी से देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि चंद्रमा का मैग्नीट्यूड माइनस 8.5 और बृहस्पति का माइनस 1.78 रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड जितना अधिक निगेटिव होता है, खगोलीय पिंड उतना अधिक चमकदार दिखाई देता है। इसी कारण बृहस्पति चंद्रमा के पास एक चमकीले तारे की तरह नजर आएगा।
जेमिनी कॉन्स्टेलेशन में दिखेगा अद्भुत नजारा
यह पूरी खगोलीय घटना मिथुन तारामंडल यानी जेमिनी कॉन्स्टेलेशन के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में कैस्टर और पोलक्स जैसे प्रसिद्ध तारे भी मौजूद रहेंगे, जिससे दृश्य और अधिक आकर्षक बन जाएगा। खगोलविदों ने बताया कि इस दौरान नीचे की ओर शुक्र ग्रह भी दिखाई देगा। आने वाले दिनों में शुक्र और बृहस्पति एक-दूसरे के और करीब आते नजर आएंगे। वहीं 9 जून को दोनों ग्रहों की एक और शानदार कॉन्जंक्शन दिखाई देगी।
अर्थशाइन भी बनेगा आकर्षण का केंद्र
इस खगोलीय घटना के दौरान चंद्रमा पर अर्थशाइन का नजारा भी देखने को मिलेगा। यह वह हल्की रोशनी होती है, जो पृथ्वी से रिफ्लेक्ट होकर चंद्रमा के अंधेरे हिस्से पर पड़ती है। इससे चंद्रमा का धुंधला भाग भी हल्का चमकता दिखाई देता है और पूरा दृश्य और अधिक मनमोहक बन जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गांवों और कम लाइट पॉल्यूशन वाले इलाकों में यह दृश्य शहरों की तुलना में ज्यादा स्पष्ट दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने कहा कि इस तरह की खगोलीय घटनाएं लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने का काम करती हैं। उन्होंने खासकर बच्चों और युवाओं से इस दुर्लभ नजारे को देखने की अपील की, ताकि उन्हें ग्रहों और ब्रह्मांड की गतिविधियों को समझने का अवसर मिल सके।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।
वेबसाइट पर ही पढ़ें








