सराफा लूटकांड के मुख्य आरोपी की अस्पताल में डेथ: मुठभेड़ में पैर में लगी थी गोली, हार्ट अटैक की आशंका

गोला कस्बे में चर्चित सराफा लूटकांड के मुख्य आरोपी मेहंदी हसन की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। सहारनपुर जिले के देवबंद कस्बा निवासी 35 वर्षीय मेहंदी हसन को कुछ सप्ताह पहले पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अरेस्ट किया था। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। जिसके बाद उपचार कराने के पश्चात उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। शनिवार देर रात जेल में उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर जेल प्रशासन ने उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर चिकित्सकों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा सुरक्षित रखकर जांच के लिए भेजा गया है।
गौरतलब है कि 27 अप्रैल को गोला क्षेत्र स्थित देवांश स्वर्णकला केंद्र में दो युवक ग्राहक बनकर पहुंचे थे। दोनों ने पहले चांदी की अंगूठियां देखने के बहाने दुकानदार का ध्यान भटकाया। फिर मौका पाकर सोने के आभूषणों की पुड़िया लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान दुकान संचालिका अमृता वर्मा ने साहस का परिचय देते हुए एक बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया था। इस दौरान हुई धक्का-मुक्की में वह घायल भी हो गई थीं। इसके बावजूद आरोपी मौके से भागने में सफल हो गया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया था। पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया था।
मुठभेड़ के बाद दबोचा गया था गिरोह
घटना के करीब 48 घंटे बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मुख्य आरोपी मेहंदी हसन समेत उसके पांच साथियों रेहान, सागीर अली, मुस्तफा और अफजल अली को मुठभेड़ के दौरान अरेस्ट कर लिया था। पुलिस कार्रवाई के दौरान मेहंदी हसन और उसके साथी रेहान के पैर में गोली लगी थी। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। पुलिस के अनुसार, मेहंदी हसन लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त था। उसके गिरोह का नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था।
जेल में बिगड़ी तबीयत
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9:20 बजे मेहंदी हसन की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे जेल से जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया। रातभर उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। रविवार दोपहर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बॉडी परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
नंबर प्लेट बदलकर देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि गिरोह वारदात से पहले लक्ष्य की रेकी करता था। पहचान छिपाने के लिए वाहनों की नंबर प्लेट बदल देता था। पूछताछ में आसपास के कई इलाकों में हुई संदिग्ध घटनाओं में गिरोह की संलिप्तता के संकेत भी मिले थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
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