गोरखनाथ पुराने ओवरब्रिज की मरम्मत शुरू: आधी लेन बंद, भारी वाहनों के लिए डायवर्जन लागू

गोरखनाथ इलाके में स्थित पुराने ओवरब्रिज की मरम्मत का कार्य औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से जर्जर हालत में पहुंचे इस पुल को लेकर स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच चिंता बनी हुई थी। लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और तकनीकी खामियों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने आखिरकार इसकी मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। फिलहाल पुल की आधी लेन को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया है। वहीं दूसरी लेन से छोटे वाहनों की आवाजाही सीमित रूप से जारी रखी गई है। मरम्मत कार्य शुरू होते ही इलाके में यातायात व्यवस्था में बदलाव लागू कर दिया गया है और भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
मरम्मत कार्य के दौरान पुल पर अतिरिक्त दबाव से बचने के लिए प्रशासन ने भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। अब बड़े वाहन बरगदवां क्षेत्र से डायवर्ट होकर खजांची मार्ग के जरिए शहर में प्रवेश करेंगे। यातायात पुलिस और लोक निर्माण विभाग अधिकारियों के मुताबिक यह फैसला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि मरम्मत कार्य के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना या संरचनात्मक जोखिम की स्थिति पैदा न हो। पुल के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। साथ ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई है, ताकि लोगों को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी मिल सके और जाम की स्थिति नियंत्रित रहे।
समय के साथ कमजोर हुई संरचना
गोरखनाथ का यह ओवरब्रिज वर्ष 1980 में बनाया गया था और पिछले चार दशकों से शहर के प्रमुख यातायात मार्ग के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक और समय-समय पर पर्याप्त रखरखाव न होने के कारण पुल की संरचना कमजोर होती चली गई। हाल ही में हुई तकनीकी जांच के दौरान पुल के कई हिस्सों में गंभीर खामियां सामने आई थीं। विशेष रूप से एक्सपेंशन जॉइंट्स में खराबी पाई गई, जिससे पुल की मजबूती और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे थे। अधिकारियों के अनुसार यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया जाता तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।
बदले जाएंगे एक्सपेंशन जॉइंट्स
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान पुल के क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन जॉइंट्स को पूरी तरह बदला जाएगा। इसके अलावा पुल की सतह, तकनीकी संरचना और अन्य कमजोर हिस्सों की भी मरम्मत की जाएगी। विभाग का उद्देश्य केवल अस्थायी सुधार करना नहीं, बल्कि पुल को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित और मजबूत बनाना है। विशेषज्ञ इंजीनियरों की निगरानी में यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, ताकि मरम्मत के दौरान यातायात भी नियंत्रित रूप से चलता रहे।
तय समय में काम पूरा करने का दावा
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रंजन सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि काम को तय समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया जाए, ताकि आम लोगों को ज्यादा असुविधा न हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ट्रैफिक नियमों का पालन करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित डायवर्ट मार्गों का ही उपयोग करें। प्रशासन का कहना है कि मरम्मत पूरी होने के बाद यह ओवरब्रिज पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनेगा, जिससे शहर के लाखों लोगों को राहत मिलेगी।











