गोरखपुर के विकास को नई रफ्तार: 80 करोड़ के म्यूनिसिपल बॉन्ड को कैबिनेट की मंजूरी, जलकल परिसर में बनेगा मल्टीस्टोरी कॉम्प्लेक्स

जिले में शहरी विकास और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में बड़ा फैसला हुआ है। प्रदेश कैबिनेट ने नगर निगम के 80 करोड़ रुपये के म्यूनिसिपल बॉन्ड प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस राशि से गोलघर स्थित जलकल परिसर में अत्याधुनिक मल्टीस्टोरी कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। जिससे शहर को आधुनिक सुविधाओं के साथ नगर निगम को भविष्य में स्थायी राजस्व का नया स्रोत भी मिलेगा।
गोरखपुर नगर निगम लंबे समय से जलकल परिसर के पुनर्विकास की योजना पर काम कर रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 80 करोड़ रुपये का म्यूनिसिपल बॉन्ड जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गई। सरकार का उद्देश्य शहरी निकायों को वित्तीय रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे केवल सरकारी अनुदानों पर निर्भर रहने के बजाय बाजार से भी पारदर्शी तरीके से संसाधन जुटा सकें।
कॉरपोरेट कार्यालयों के लिए बनेगा अलग स्पेशल स्पेस
म्यूनिसिपल बॉन्ड से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग गोलघर स्थित जलकल परिसर में मल्टीस्टोरी कॉमर्शियल कम रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स के निर्माण में किया जाएगा। प्रस्तावित भवन में मौजूदा जलकल बिल्डिंग के दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही कॉरपोरेट कार्यालयों के लिए अलग स्पेस विकसित किया जाएगा और स्टूडियो अपार्टमेंट भी बनाए जाएंगे। इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 211 करोड़ रुपये है, जिसमें 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था म्यूनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से की जाएगी।
सर्वसम्मति के बाद कैबिनेट तक पहुंचा प्रस्ताव
नगर निगम के अनुसार इस परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय प्रशासन ने प्रमुख स्टेक होल्डर्स, बिल्डर्स और ट्रस्टियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। सभी पक्षों की सहमति बनने के बाद प्रस्ताव सरकार के समक्ष भेजा गया। इसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इससे परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने प्रस्ताव को स्वीकृति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप परियोजना पर बिना विलंब कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्धारित समय सीमा में इसका लाभ शहरवासियों को मिल सके। उनके अनुसार यह कॉम्प्लेक्स व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।
नगर निगम को मिलेगा स्थायी राजस्व
नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा कि यह पहल नगर निगम की वित्तीय और लेखा प्रणाली की मजबूत साख को भी दर्शाती है। कॉम्प्लेक्स तैयार होने के बाद उससे प्राप्त आय नगर निगम के लिए निरंतर राजस्व का महत्वपूर्ण स्रोत बनेगी। इस आय का उपयोग भविष्य में शहर की जलापूर्ति, आधुनिक स्वच्छता व्यवस्था तथा अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा। सरकार के 'स्मार्ट और जीरो वेस्ट सिटी' के विजन को आगे बढ़ाने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राज्य सरकार के अनुसार म्यूनिसिपल बॉन्ड शहरी निकायों के लिए बाजार से पारदर्शी तरीके से पूंजी जुटाने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए धन जुटाने पर प्रत्येक 100 करोड़ रुपये के सापेक्ष 13 करोड़ रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। नगर निगम अब सेबी के 'इशू एंड लिस्टिंग ऑफ म्यूनिसिपल डेब्ट सिक्योरिटीज रेगुलेशन-2015' के प्रावधानों का पालन करते हुए आगे की प्रक्रिया पूरी करेगा।











