गोरक्षनगरी में बनेगा इंटिग्रेटेड बायोफ्यूल हब: यहां तैयार फ्यूल से उड़ान भरेंगे विमान, चार हजार करोड़ के निवेश से स्थापित होगा प्लांट

पूर्वांचल की औद्योगिक तस्वीर अब तेजी से बदलती नजर आ रही है। गोरक्षनगरी जल्द ही देश के विमानन ईंधन उत्पादन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है। गीडा के धुरियापार क्षेत्र में श्रेयस ग्रुप ऑफ कंपनीज द्वारा करीब चार हजार करोड़ रुपये के बड़े निवेश से इंटिग्रेटेड बायोफ्यूल एवं ब्रुअरी कॉम्प्लेक्स स्थापित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने के बाद गोरखपुर में तैयार होने वाला एविएशन फ्यूल देशभर में विमानों की उड़ानों के लिए उपयोग किया जाएगा। इसे पूर्वांचल के औद्योगिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
गीडा प्रशासन की ओर से कंपनी को परियोजना के लिए भूमि आवंटित कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ के हाथों जल्द ही इस परियोजना का शिलान्यास कराया जाएगा। परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह प्लांट आधुनिक तकनीक से लैस होगा। यहां प्रतिदिन लगभग 750 किलोलीटर एथेनॉल और एविएशन फ्यूल का उत्पादन किया जाएगा। इसके साथ ही परिसर में माल्ट विस्की और बियर निर्माण इकाइयां भी स्थापित की जाएंगी। यह कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्यीय औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।
ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मिलेगा नया आधार
एक्सपर्ट्स के अनुसार यह परियोजना केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। केंद्र और राज्य सरकार लगातार ग्रीन एनर्जी एवं वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं। ऐसे में शहर में स्थापित होने वाला यह बायोफ्यूल प्लांट देश के सतत ऊर्जा मिशन को नई गति देगा। परियोजना के तहत 35 मेगावाट क्षमता का को-जनरेशन पावर प्लांट भी लगाया जाएगा। जिससे ऊर्जा उत्पादन और औद्योगिक संचालन को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा परिसर में 20 लाख पेटी ब्रुअरी क्षमता विकसित की जाएगी। प्रतिदिन 20 किलोलीटर माल्ट उत्पादन इकाई भी स्थापित होगी। उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि यह परियोजना शहर को केवल औद्योगिक शहर ही नहीं, बल्कि आधुनिक ऊर्जा उत्पादन केंद्र के रूप में भी नई पहचान दिलाएगी।
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा सहारा
इतने बड़े निवेश का सबसे बड़ा प्रभाव स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर दिखाई देगा। परियोजना के शुरू होने के बाद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। परिवहन, निर्माण, होटल, छोटे व्यापार और सेवा क्षेत्र में भी नई संभावनाएं विकसित होंगी। स्थानीय किसानों और कच्चे माल से जुड़े कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









