खुले नाले में गिरने से व्यक्ति की मौत: आधे घंटे के रेस्क्यू के बाद निकाली बॉडी, मानसिक रूप से रहता था परेशान

शाहपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में खुले और जर्जर नाले में गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना फातिमा बाईपास स्थित बांसमंडी के पास देशी शराब की दुकान के सामने हुई। जहां करीब 40 वर्षीय व्यक्ति अचानक नाले में जा गिरा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। करीब आधे घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद व्यक्ति को नाले से बाहर निकाला गया। लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बिहार के समस्तीपुर जिले के तेतर दास के रूप में हुई है। जो पिछले कई वर्षों से गोरखपुर में रहकर कबाड़ का कारोबार कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, शाम करीब पांच बजे तेतर दास बांसमंडी क्षेत्र से गुजर रहा था। तभी वह संतुलन खोकर खुले नाले में गिर गया। नाले में गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों का ध्यान उस ओर गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। नाले में पानी और गाद अधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद लेते हुए सेमरा निवासी विनोद यादव और पिपराइच निवासी विजय मौर्य को रस्सी के सहारे नाले में उतारा। काफी मशक्कत और करीब आधे घंटे की तलाश के बाद व्यक्ति को बाहर निकाला गया। जिसके बाद उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
जर्जर नाला बना मौत का कारण, लोगों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। क्षेत्रवासियों का कहना है कि खजांची चौराहे से लेकर बांसमंडी स्थित गोड़धोइया नाले तक करीब 300 मीटर लंबा हिस्सा वर्षों से खुला और जर्जर स्थिति में पड़ा हुआ है। फोरलेन सड़क का निर्माण चार वर्ष पहले पूरा हो गया था। लेकिन नाले को सुरक्षित बनाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि इसी नाले में गिरकर अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद भी जिम्मेदार विभागों ने समस्या के स्थायी समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया। हाल ही में नाले की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट भी सड़क किनारे छोड़ दी गई थी और सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग नहीं की गई थी।
पांच वर्षों से घर नहीं गया था मृतक
पुलिस जांच में सामने आया है कि तेतर दास मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के पूसा थाना क्षेत्र के ढीगरा गांव का निवासी था। वह पिछले पांच वर्षों से गोरखपुर में रहकर कबाड़ बेचने का कार्य कर रहा था। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि मृतक फातिमा बाईपास स्थित एक पेट्रोल पंप परिसर में रह रहा था। उसकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। मृतक के भाई शंभू दास ने बताया कि तेतर दास पिछले पांच वर्षों से घर नहीं आया था। एक माह पहले परिवार में भतीजी की शादी थी और वह उसमें शामिल होना चाहता था। लेकिन किसी कारणवश नहीं पहुंच सका। पत्नी और बेटे की मौत के बाद वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहता था। परिवार में उसकी एक बेटी और दामाद हैं।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
शाहपुर थानाध्यक्ष राकेश रोशन सिंह ने बताया कि बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खुले नाले को जल्द ढंककर सुरक्षित बनाया जाए। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोगों की जान जोखिम में न पड़े।
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