निर्माणाधीन नाले में गिरकर गर्भवती गाय की मौत: 45 दिन से खुला पड़ा था नाला, जेई, एई और ठेकेदार को शो-कॉज नोटिस जारी

गोरखपुर|1 घंटा पहले
45 दिन से खुला पड़ा था नाला, जेई, एई और ठेकेदार को शो-कॉज नोटिस जारी

शहर के वार्ड संख्या नौ में निर्माणाधीन आरसीसी नाला दर्दनाक हादसे का कारण बन गया। नकहा स्थित रामजानकीनगर कौशलपुरम कॉलोनी के पास खुले और असुरक्षित पड़े नाले में गिरकर एक गर्भवती गाय की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। पार्षद शशांक सोनकर के नेतृत्व में लोग प्रदर्शन करने लगे। उन्होंने नगर निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों की अनदेखी की। जिसके चलते यह हादसा हुआ।

जानकारी के अनुसार मोहल्ले के निवासी यादव की पालतू गर्भवती गाय नाले में मुंह के बल गिर गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने गाय को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बावजूद जब तक गाय को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई

प्रदर्शन कर रहे पार्षद शशांक सोनकर सहित स्थानीय नागरिकों ने बताया कि 22 मई को ज्ञान प्रकाश द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि करीब 45 दिनों से नाला खोदकर खुला छोड़ दिया गया है, जिससे दुकानदारों, राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही किसी बड़े हादसे की आशंका भी जताई गई थी। शिकायत पर कई लोगों के हस्ताक्षर भी थे। इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर न तो बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए थे। इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

23 महीने बाद भी अधूरी परियोजना

नगर निगम की यह परियोजना वार्ड संख्या नौ नकहा में रामजानकीनगर कॉलोनी गेट से कौशलपुरम होते हुए स्पोर्ट्स कॉलेज तक आरसीसी नाला और स्लैब निर्माण के लिए शुरू की गई थी। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का कार्य 20 जुलाई 2024 को मेसर्स धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव फर्म द्वारा शुरू किया गया था। निर्धारित समय सीमा के अनुसार यह कार्य 19 जनवरी 2025 तक पूरा होना था। 23 महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले मानसून में भी अधूरे नाले की वजह से भारी जलभराव और दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब प्री-मानसून बारिश शुरू होने के बावजूद निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। हालांकि नगर निगम के अभियंता बिजली के पोल और तारों की शिफ्टिंग को देरी का कारण बता रहे हैं।

अधिकारियों और ठेकेदार को नोटिस

घटना की सूचना मिलने के करीब दो घंटे बाद सहायक अभियंता शैलेश कुमार मौके पर पहुंचे। बाद में नगर आयुक्त अजय जैन के निर्देश पर मुख्य अभियंता अमित शर्मा, अधिशासी अभियंता अमरनाथ और अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मृत गाय को हटवाकर उसका निस्तारण कराया। मुख्य अभियंता अमित कुमार शर्मा ने बताया कि निर्माणाधीन एवं खुले नालों पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि हादसा बेहद दुखद है और मामले में अवर अभियंता विवेकानंद सिंह, सहायक अभियंता शैलेश कुमार तथा ठेकेदार फर्म मेसर्स धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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