रामगढ़ताल जेटी का सुरक्षा ऑडिट पूरा: जांच में मुख्य ढांचा सुरक्षित, कमजोर पिलर के कारण बदलेगी क्रूज व्यवस्था

गोरखपुर|1 घंटा पहले
जांच में मुख्य ढांचा सुरक्षित, कमजोर पिलर के कारण बदलेगी क्रूज व्यवस्था

रामगढ़ताल स्थित पर्यटन जेटी की थर्ड पार्टी सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में जेटी के मुख्य ढांचे को पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है, लेकिन जिस पिलर से क्रूज बांधा जाता है, उसमें अपेक्षाकृत कमजोरी पाई गई है। इसके बाद जीडीए ने उस पिलर पर अतिरिक्त दबाव न डालने का निर्णय लिया है। अब क्रूज को बांधने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित की जाएगी। वहीं, पर्यटकों की सुरक्षा और क्रूज संचालन पहले की तरह जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामगढ़ताल की जेटी का बाहरी सुरक्षा ऑडिट कराया गया था। थर्ड पार्टी एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 1997 में पर्यटन विभाग द्वारा निर्मित जेटी का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत है। जांच में जेटी की छत और अधिकांश पिलर बेहतर स्थिति में पाए गए। हालांकि, जिस पिलर से लगभग 200 टन वजनी 'लेक क्वीन' क्रूज को बांधा जाता है, उसमें कुछ संरचनात्मक कमजोरी दर्ज की गई है। एक्सपर्ट्स ने इस पिलर की नियमित निगरानी करने और उस पर अतिरिक्त भार न डालने की सलाह दी है।

क्रूज के लिए होगी वैकल्पिक व्यवस्था

ऑडिट रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित पिलर की मरम्मत करना भी उचित नहीं होगा। क्योंकि इससे पूरे स्ट्रक्चर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सुझाव दिया गया है कि क्रूज को ताल में लंगर डालकर खड़ा किया जाए और उसे बांधने के लिए अलग व्यवस्था विकसित की जाए। पर्यटकों के आवागमन के लिए फ्लोटिंग जेटी का उपयोग करने की भी सिफारिश की गई है। इससे क्रूज संचालन प्रभावित नहीं होगा और सुरक्षा मानकों का भी पूरी तरह पालन किया जा सकेगा।

नई जेटी के निर्माण की प्रक्रिया भी तेज

पुरानी जेटी के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के अनुरूप नई जेटी के निर्माण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही नई जेटी विकसित करने के निर्देश दे चुके हैं। नई संरचना तैयार होने के बाद भविष्य में इस तरह की तकनीकी चुनौतियों से बचने में मदद मिलेगी।

पर्यटकों की सुरक्षा पर रहेगा पूरा फोकस

रामगढ़ताल शहर का प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग घूमने पहुंचते हैं। जेटी से क्रूज का संचालन होता है और यहां से ताल का मनोरम दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। सेल्फी और सैर-सपाटे के लिए भी यह स्थान काफी लोकप्रिय है। जीडीए के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने बताया कि सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट में जेटी का पूरा स्ट्रक्चर मजबूत पाया गया है। केवल क्रूज बांधने वाले एक पिलर में हल्की कमजोरी मिली है। उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और क्रूज को बांधने की वैकल्पिक व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी।

नव्य जागरण

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