रुस्तमपुर में रातभर ठप रही बिजली: पूरी रात फील्ड में डटे रहे चीफ इंजीनियर और एसई, सात जेई को मौके पर बुलाया

गोरखपुर|1 घंटा पहले
पूरी रात फील्ड में डटे रहे चीफ इंजीनियर और एसई, सात जेई को मौके पर बुलाया

रुस्तमपुर क्षेत्र में रात में बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को भीषण गर्मी के बीच भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देर रात तक बिजली नहीं आने से नाराज लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कुछ लोगों ने हाईवे जाम करने की भी कोशिश की। हालात को गंभीर होता देख बिजली विभाग के सीनियर अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और पूरी रात फील्ड में डटे रहे। मुख्य अभियंता पंकज अग्रवाल और अधीक्षण अभियंता (एसई) शहर रणजीत चौधरी ने खुद बिजली आपूर्ति की निगरानी की और लगातार लाइन चेकिंग कराई। घंटों की जांच के बाद बरहुआ स्थित ट्रांसमिशन उपकेंद्र में तकनीकी गड़बड़ी का पता चला, जिसे ठीक कराकर शनिवार सुबह तक बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी गई।

बिजली संकट के बाद विभागीय अधिकारियों ने रुस्तमपुर उपकेंद्र से लेकर बरहुआ ट्रांसमिशन उपकेंद्र तक पूरी लाइन की गहन जांच कराई। अधीक्षण अभियंता रणजीत चौधरी ने स्वयं बरहुआ उपकेंद्र पहुंचकर तकनीकी परीक्षण कराया, जहां फॉल्ट मिलने के बाद उसे तत्काल दुरुस्त कराया गया। बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से सात जूनियर इंजीनियरों को भी मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों और तकनीकी टीमों ने देर रात तक लगातार लाइन परीक्षण और मरम्मत कार्य किया। इसके बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी, हालांकि कुछ समय तक बिजली का ट्रिपिंग होना जारी रहा। स्थानीय लोगों का कहना था कि भीषण गर्मी में पूरी रात बिजली न रहने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ी। कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए और विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी सतर्क रहना पड़ा।

दो दिन से लगातार बनी हुई थी समस्या

रुस्तमपुर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्या पिछले कई दिनों से बनी हुई थी। जानकारी के अनुसार बुधवार रात भी रुस्तमपुर उपकेंद्र पूरी तरह बंद हो गया था, जिसके बाद गुरुवार सुबह आपूर्ति बहाल की जा सकी थी। इसके बावजूद शुक्रवार रात करीब 10 बजे एक बार फिर उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लगातार दूसरी बार आई बड़ी तकनीकी खराबी से लोगों का आक्रोश बढ़ गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद मोर्चा संभालते हुए पूरी व्यवस्था की निगरानी शुरू की।

एसई ने दिए निर्देश

अधीक्षण अभियंता शहर रणजीत चौधरी ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।

लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई शुरू

बिजली आपूर्ति बाधित होने और समय पर समस्या का समाधान न होने को लेकर विभाग ने जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी है। रुस्तमपुर उपकेंद्र के अवर अभियंता मिथिलेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई भी की जा सकती है। इससे पहले आपूर्ति व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी संदीप कुमार को नगरीय परीक्षण खंड से संबद्ध किया जा चुका है। बिजली विभाग का कहना है कि गर्मी के मौसम में बढ़ते लोड को देखते हुए सभी उपकेंद्रों और ट्रांसमिशन लाइनों की विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो।

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