गोरखपुर में स्मार्ट कॉरिडोर बनेंगी तीन सड़कें: CCTV और ई-चार्जिंग जैसी आधुनिक सुविधाओं से होंगी लैस, इकोलॉजिकल स्टेबिलिटी को भी दी गई प्रायरिटी

शहर को स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शहरी सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री ग्रिड सड़क योजना फेज-04 के तहत शहर की तीन प्रमुख सड़कों को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करने का फैसला लिया गया है। इन परियोजनाओं पर लगभग 101 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर निगम ने चयनित सड़कों का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही नगर विकास विभाग लखनऊ स्थित यूरीडा (UPEIDA/URIDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भेजा जाएगा। प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले जिला स्तरीय समिति की मंजूरी भी ली जाएगी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार चयनित तीनों सड़कों की कुल लंबाई 3263 मीटर है। इन सड़कों को केवल चौड़ीकरण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें आधुनिक स्मार्ट सिटी मॉडल के अनुरूप विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत सड़क किनारे भूमिगत डक्ट बनाए जाएंगे, जिनमें बिजली की केबल, पानी की पाइपलाइन और सीवर लाइन डाली जाएंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भविष्य में मरम्मत या नई लाइन डालने के लिए बार-बार सड़कें नहीं खोदनी पड़ेंगी, जिससे ट्रैफिक और नागरिकों को होने वाली परेशानी में कमी आएगी।
स्मार्ट सुविधाओं से लैस होंगी रोड
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि इन स्मार्ट सड़कों पर अत्याधुनिक शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क किनारे हाईटेक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए CCTV कैमरे भी स्थापित किए जाएंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ई-चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे, जिससे भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहर को तैयार किया जा सके। इसके अलावा पैदल यात्रियों के लिए चौड़े और सुरक्षित फुटपाथ बनाए जाएंगे। कई स्थानों पर साइकिल ट्रैक और रोड साइड पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। नगर निगम का कहना है कि इन सुविधाओं से शहर की यातायात व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी और लोगों को आधुनिक शहरी अनुभव मिलेगा।
ग्रीन डेवलपमेंट पर भी रहेगा फोकस
परियोजना के तहत केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सड़क किनारे पौधरोपण, ग्रीन बेल्ट और आकर्षक डिवाइडर विकसित किए जाएंगे। फुटपाथों के आसपास हरित क्षेत्र तैयार किए जाएंगे, जिससे शहर का सौंदर्य बढ़ेगा और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना गोरखपुर को आधुनिक और टिकाऊ शहरी विकास मॉडल की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
इन तीन सड़कों का हुआ चयन
योजना के तहत वार्ड-80 राप्तीनगर में हाइडिल से मेडिकल कॉलेज रोड तक 500 मीटर लंबी सड़क का विकास किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 19 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वार्ड-19 गोपालापुर में रेड चिली रेस्टोरेंट से अमरावती टॉवर, शाही ग्लोबल हॉस्पिटल होते हुए एनएच सिक्सलेन ब्रिज तक 2333 मीटर सड़क का निर्माण और आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिस पर करीब 59 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा वार्ड-08 चरगांवा में एजुकेयर क्लोसेज से एसबीआई एटीएम और जीडीए स्मार्ट रोड तक 730 मीटर सड़क विकसित की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 23 करोड़ रुपये बताई गई है। नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि भविष्य में अन्य प्रमुख सड़कों का भी सर्वे कराया जा रहा है, ताकि उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट रोड योजना में शामिल किया जा सके। नगर निगम का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गोरखपुर की शहरी तस्वीर में बड़ा बदलाव दिखाई देगा।
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