बच्ची के पेट से निकला बालों का विशाल गुच्छा: सर्जरी कर डॉक्टरों ने बचाई जान, ट्राइकोफेजिया बीमारी से थी पीड़ित

शहर में एक सात वर्षीय बच्ची से जुड़ा दुर्लभ और चौंकाने वाला चिकित्सीय मामला सामने आया है। लंबे समय से पेट दर्द, उल्टी और भूख न लगने की समस्या से जूझ रही बच्ची के पेट से सर्जरी के जरिए बालों का विशाल गुच्छा निकाला गया। निजी हॉस्पिटल में हुई इस जटिल सर्जरी ने न केवल बच्ची की जान बचाई, बल्कि बच्चों की असामान्य आदतों को लेकर अभिभावकों को भी सतर्क कर दिया है। चिकित्सकों के अनुसार बच्ची को अपने ही सिर के बाल खाने की आदत थी। जिसके कारण धीरे-धीरे उसके पेट में बाल जमा होते गए और एक बड़े ठोस गुच्छे का रूप ले लिया।
डॉक्टरों के अनुसार बच्ची पिछले कई महीनों से पेट दर्द, बार-बार उल्टी, भूख में कमी, कमजोरी और वजन घटने जैसी समस्याओं से परेशान थी। परिजन उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जांच के दौरान सीनियर बाल शल्य चिकित्सक और उनकी टीम को एक गंभीर और दुर्लभ समस्या का पता चला। मेडिकल परीक्षण में सामने आया कि पेट में बड़ी मात्रा में बाल जमा होकर ठोस गुच्छे का रूप ले चुके हैं। जिससे भोजन का सामान्य मार्ग बाधित हो गया था।
ढाई घंटे चली जटिल सर्जरी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। करीब ढाई घंटे तक चली सर्जरी के दौरान बच्ची के पेट में चीरा लगाकर बालों के विशाल गुच्छे को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया विशेषज्ञ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सर्जरी के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ। चिकित्सकीय निगरानी के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
हेयर बेजोआर नामक दुर्लभ स्थिति
डॉक्टर ने बताया कि कुछ बच्चों में बाल खाने की आदत विकसित हो जाती है। जिसे चिकित्सकीय भाषा में ट्राइकोफेजिया कहा जाता है। लंबे समय तक बाल खाने से वे पेट में जमा होकर एक ठोस गुच्छा बना लेते हैं। जिसे "हेयर बेजोआर" कहा जाता है। यह दुर्लभ लेकिन गंभीर स्थिति है, जिसमें कई बार सर्जरी ही एकमात्र इलाज विकल्प बचता है। समय रहते पहचान न होने पर यह समस्या आंतों में अवरोध, इंफेक्शन, कुपोषण और जानलेवा जटिलताओं का कारण बन सकती है।
अभिभावकों को दी गई विशेष सलाह
अस्पताल के निदेशक ने बताया कि बच्चों की असामान्य आदतों को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि बच्चे में बार-बार पेट दर्द, भूख कम लगना, वजन घटना या बाल चबाने जैसी आदत दिखाई दे तो तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से ऐसी गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है। चिकित्सकों ने इस सफल सर्जरी को टीमवर्क और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।










