प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में सपा नेता निकला मास्टरमाइंड: 5 लाख की सुपारी देकर कराई थी हत्या, लोहिया वाहिनी का पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरेस्ट

लखनऊ|1 घंटा पहले
5 लाख की सुपारी देकर कराई थी हत्या, लोहिया वाहिनी का पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरेस्ट

राजधानी के चर्चित प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ की जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। मामले का मुख्य साजिशकर्ता समाजवादी पार्टी की लोहिया वाहिनी का पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश यादव उर्फ देवा निकला है। पुलिस ने उसे उसके ड्राइवर मुकर्रबीन के साथ अरेस्ट कर लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार जमीन विवाद में दिनेश यादव ने पांच लाख रुपये की सुपारी देकर संदीप सिंह की हत्या कराई थी। हालांकि वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटर अभी भी फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

27 मई को पीजीआई थाना क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद राजधानी में सनसनी फैल गई थी। पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त जांच शुरू की तो हत्या के पीछे लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद की परतें खुलनी शुरू हो गईं। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दिनेश यादव और उसके सहयोगी मुकर्रबीन को अरेस्ट किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक मर्सिडीज समेत चार लग्जरी वाहनों को भी जब्त किया है।

राजनीति की आड़ में बनाता था दबाव

जांच में सामने आया है कि दिनेश यादव का समाजवादी पार्टी से लंबे समय तक जुड़ाव रहा है। वह लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रह चुका है। विधानसभा उपचुनावों में पार्टी प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुका है। सोशल मीडिया पर उसकी कई तस्वीरें पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य सीनियर लीडर्स के साथ मौजूद हैं। पुलिस द्वारा जब्त की गई कार पर भी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का बोर्ड लगा मिला है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिनेश राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर दबाव बनाता था। जमीन से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप करता था।

कई मुकदमों और शिकायतों को लेकर था नाराज

एसटीएफ की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी मुकर्रबीन ने बताया कि वह वर्ष 2016 से दिनेश यादव के साथ ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। उसने खुलासा किया कि दिनेश कई मुकदमों और शिकायतों को लेकर संदीप सिंह से नाराज था। इसी दौरान संदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। मुकर्रबीन ने अपने संपर्कों के माध्यम से शूटरों से संपर्क स्थापित किया। करीब पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की गई। जांच एजेंसियों के अनुसार शूटरों को लखनऊ बुलाकर उनके ठहरने और आवाजाही की व्यवस्था की गई। कई दिनों तक संदीप सिंह की गतिविधियों, दिनचर्या और आवागमन के रास्तों की रेकी कराई गई। वारदात को अंजाम देने के लिए सेकेंड हैंड अपाचे बाइक खरीदी गई। उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। जिससे पुलिस की नजरों से बचा जा सके।

वारदात के दिन शहर छोड़कर निकल गए थे आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हत्या वाले दिन दिनेश यादव और उसका ड्राइवर दोनों लखनऊ से बाहर चले गए थे। जिससे उन पर किसी प्रकार का संदेह न हो। दूसरी ओर शूटरों ने तय योजना के अनुसार संदीप सिंह को निशाना बनाकर गोली मार दी। वारदात के बाद आरोपियों ने फोन कर हत्या पूरी होने की सूचना दी थी।

पार्टी ने बनाई दूरी

मामले के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने दिनेश यादव से दूरी बना ली है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि वह पूर्व पदाधिकारी था। लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय नहीं था। वहीं पुलिस का कहना है कि फरार शूटरों की पहचान कर ली गई है। उन्हें जल्द अरेस्ट कर लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है। आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

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