सीएम योगी बोले- जनआस्था से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त: एसआईटी रिपोर्ट के बाद कार्रवाई तेज, 456 करोड़ के विकास कार्यों की दी सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में एसआईटी की रिपोर्ट के बाद हुई कार्रवाई पर स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनआस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी है और "दूध का दूध, पानी का पानी" करके ही रहेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो वह जांच एजेंसी को उपलब्ध कराए, लेकिन बिना सबूत अयोध्या और रामभक्तों पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है।
देवरिया दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने 456.38 करोड़ रुपये की लागत वाली 106 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में राम मंदिर प्रकरण, विपक्षी दलों और राज्य सरकार की विकास योजनाओं को लेकर कई मुद्दों पर खुलकर बात रखी।
'आस्था पर सवाल उठाने वालों को सबूत देना होगा'
मुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद कार्रवाई प्रारंभ हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बख्शने वाली नहीं है। योगी ने रामभक्तों से अपील करते हुए कहा कि कुछ लोग लगातार भगवान राम और अयोध्या को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। किसी के पास कोई ठोस प्रमाण होने पर वह जांच एजेंसी को सौंपे, अन्यथा बेबुनियाद आरोप लगाने बंद करे। उन्होंने दोहराया कि जनआस्था से जुड़ा कोई भी विषय सरकार के लिए अत्यंत संवेदनशील है। इससे खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को केवल लूटा ही नहीं, उसे नुकसान भी पहुंचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवान राम के अस्तित्व को नकारने वाले और रामभक्तों पर गोली चलवाने वाले लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों को जनता सब जानती है और उनके आरोपों का कोई आधार नहीं है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि दिल्ली से आए कुछ लोग अयोध्या का विकास देखकर सीख लें। उनके कार्यकाल में इसी तरह विकास होने पर राजधानी की तस्वीर भी अलग होती। उन्होंने कहा कि अयोध्या का परिवर्तन विकास की राजनीति का उदाहरण है।
सपा सरकार पर भर्ती और भ्रष्टाचार को लेकर निशाना
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान नौकरियों में पारदर्शिता नहीं थी और पूरा तंत्र वसूली में लगा रहता था। उन्होंने दावा किया कि आज डबल इंजन सरकार की वजह से प्रदेश के युवाओं को निष्पक्ष तरीके से रोजगार मिल रहा है। पहले जैसी सरकार होने पर योग्य अभ्यर्थी नौकरियों से वंचित रह जाते। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नौकरियों का खुला सौदा होता था। योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया जाता था।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के टेंडर का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016 में सपा सरकार ने लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। वहीं, जमीन का अधिग्रहण तक पूरा नहीं हुआ था। सत्ता में आने के बाद सरकार ने दोबारा समीक्षा की और बाद में तीसरी बार सरल शर्तों के साथ नया टेंडर जारी किया। उन्होंने कहा कि यही परियोजना लगभग 11,200 करोड़ रुपये में पूरी कराई गई। इससे करीब तीन हजार करोड़ रुपये की संभावित वित्तीय अनियमितता रोकी जा सकी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सार्वजनिक धन की रक्षा करते हुए विकास कार्यों को गति दी और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी।
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