राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में नई एसआईटी सक्रिय: अधिकारियों संग की वर्चुअल बैठक, जांच की पूरी रणनीति हुई तैयार

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गठित नई एसआईटी ने अधिकारियों के साथ पहली वर्चुअल बैठक की। बैठक में पुलिस की अब तक की जांच, बैंक अधिकारियों की भूमिका, एकत्र किए गए दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों सहित पूरी जांच प्रक्रिया की समीक्षा की गई। अधिकारियों से मामले की प्रगति का फीडबैक लिया गया और आगे की जांच की दिशा तय की गई। जेल में बंद आठों आरोपितों की स्थिति के साथ उन लोगों की भी जानकारी मांगी गई, जो जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
नई एसआईटी की अध्यक्षता आईजी लखनऊ रेंज किरण एस कर रहे हैं। टीम में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं। इससे पहले एसएसपी और डीआईजी स्तर पर जांच की निगरानी की जा रही थी। लेकिन अब दोनों अधिकारी एसआईटी के सदस्य के रूप में जांच को आगे बढ़ाएंगे। सूत्रों के अनुसार, टीम पूरे प्रकरण की नए सिरे से समीक्षा कर हर बिंदु का पुनर्मूल्यांकन करेगी।
संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी होगी पड़ताल
एसआईटी आरोपितों से दोबारा पूछताछ करने के साथ बरामदगी, दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण कराएगी। इसके अलावा संदिग्धों की संपत्तियों और वित्तीय गतिविधियों की भी जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से नए सिरे से पूछताछ भी की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, जांच को और मजबूत बनाने के लिए एसआईटी में जल्द ही एक फॉरेंसिक विशेषज्ञ और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी शामिल किया जा सकता है। हालांकि उनके नाम अभी तय नहीं हुए हैं। उधर, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बैंकिंग व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन, जगदीश आफले और सीए चंदन राय को हस्ताक्षर के लिए अधिकृत किया है। अब तीन अधिकृत सदस्यों में से किसी भी दो के संयुक्त हस्ताक्षर से बैंकिंग संबंधी कार्य और भुगतान किए जा सकेंगे।
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