नोएडा में मजदूरों का गुस्सा भड़का: सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी, 50 गाड़ियां फूंकी, पुलिस पर पथराव

नोएडा में वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहा मजदूरों का आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया. प्रशासन द्वारा वेतन बढ़ाने और कई मांगों को मानने के आश्वासन के बावजूद, नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में भारी बवाल देखने को मिला. प्रदर्शनकारियों ने न केवल पुलिस पर पथराव किया, बल्कि दर्जनों बसों और निजी वाहनों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया.
वेतन वृद्धि के बावजूद क्यों भड़की हिंसा?
हैरानी की बात यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मजदूरों के हितों को देखते हुए वेतन में वृद्धि की घोषणा कर दी थी और एक हाई-लेवल कमेटी का गठन भी किया था. इसके बावजूद हिंसा भड़कने के पीछे मुख्य कारण 'वेतन विसंगति' को माना जा रहा है. दरअसल, पड़ोसी राज्य हरियाणा (गुड़गांव) में न्यूनतम वेतन में करीब 35% की भारी बढ़ोतरी की गई है, जिससे नोएडा के मजदूरों में असंतोष पैदा हो गया. नोएडा के श्रमिक अब 20,000 रुपये प्रति माह न्यूनतम वेतन की मांग पर अड़े हैं, जबकि वर्तमान में उनका वेतन 10,000 से 13,000 रुपये के बीच है.
गुड़गांव कनेक्शन और बाहरी तत्वों का हाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और श्रम मंत्री अनिल राजभर ने इस हिंसा को एक "सुनियोजित साजिश" करार दिया है. सरकार का मानना है कि जब बातचीत के जरिए समाधान निकाला जा रहा था, तब कुछ बाहरी और असामाजिक तत्वों ने मजदूरों को उकसाया. खुफिया एजेंसियां इस बवाल में 'टूलकिट' और सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई अफवाहों की जांच कर रही हैं. यहां तक कि कुछ संदिग्ध हैंडल और बाहरी संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस अशांति के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था.
मैदान-ए-जंग बना नोएडा फेज-2 और सेक्टर-63
सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे नोएडा के फेज-2, सेक्टर-60, 62 और 63 में हालात बेकाबू हो गए. लगभग 40,000 से 45,000 मजदूर सड़कों पर उतर आए. भीड़ ने मदरसन, ऋचा ग्लोबल जैसी बड़ी कंपनियों के बाहर पथराव किया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को पलट दिया और करीब 50 से ज्यादा वाहनों को आग लगा दी. पुलिस को भीड़ तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा. इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और 60 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.
आमजन और ट्रैफिक पर पड़ा बवाल का असर
इस बवाल की वजह से नोएडा-दिल्ली बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर और नोएडा एक्सप्रेसवे पर घंटों लंबा जाम लगा रहा. एम्बुलेंस, स्कूल बसें और ऑफिस जाने वाले लोग सड़कों पर फंसे रहे. उपद्रवियों ने कई सड़कों को ब्लॉक कर दिया था, जिससे आम नागरिकों को भारी मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के जरिए उपद्रवियों की पहचान कर रही है ताकि उन पर सख्त कार्रवाई की जा सके.
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