प्रयागराज में करोड़पति कारोबारी परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या: घर में मिलीं लाशें; दीवार पर लिखा मिला- ‘बंटी, बबली और बहू ने मारा’

प्रयागराज|16 घंटे पहले
घर में मिलीं लाशें; दीवार पर लिखा मिला- ‘बंटी, बबली और बहू ने मारा’

शहर के व्यस्त और प्रतिष्ठित हीवेट रोड इलाके में सनसनी फैल गई। एक करोड़पति कारोबारी परिवार के चार सदस्यों की बॉडी उनके घर और दुकान से बरामद हुई। मृतकों में कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य और बेटा अभिषेक वैश्य शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह मामला सामूहिक हत्या का प्रतीत हो रहा है। घटना की जानकारी तब हुई, जब कई दिनों से बंद मकान से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा। अंदर प्रवेश किया तो एक के बाद एक चार बॉडी बरामद होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

पुलिस के अनुसार साउथ मलाका क्षेत्र स्थित दो मंजिला मकान के ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र कुमार वैश्य और उनकी पत्नी अनीता की बॉडी एक कमरे में पड़ी मिली। वहीं दूसरे कमरे में उनकी बेटी मीनाक्षी की बॉडी बरामद हुई। तीनों के सिर पर गहरे चोट के निशान थे। कमरे में खून के धब्बे सूख चुके थे। जिससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या कई दिन पहले की गई थी। तलाशी के दौरान मकान के नीचे स्थित एक दुकान से परिवार के बेटे अभिषेक की बॉडी भी बरामद हुई। दुकान बाहर से बंद थी। बॉडी काफी खराब अवस्था में पाई गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंच गई। पूरे परिसर को सील कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस कमिश्नर और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

जांच में मिला रहस्यमय संदेश

मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग भी मिला है। जिस कमरे में दंपती की बॉडी पड़ी थी। वहां एक गत्ते पर लिखा मिला, “बंटी, बबली और बहू ने मारा।” इस संदेश ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बंटी, बबली और बहू कौन हैं। उनका इस परिवार से क्या संबंध है? अधिकारियों का कहना है कि इस संदेश की सत्यता और उसके पीछे की परिस्थितियों की भी गहन जांच की जा रही है।

10 से 15 करोड़ की संपत्ति का मालिक था परिवार

स्थानीय लोगों के अनुसार वीरेंद्र कुमार वैश्य इलाके के प्रतिष्ठित कारोबारी थे। हीवेट रोड चौराहे पर स्थित उनके लगभग आठ हजार वर्गफुट क्षेत्रफल वाले भवन की कीमत 10 से 15 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। भवन के निचले हिस्से में 14 दुकानें थीं। जिनमें से अधिकांश किराए पर दी गई थीं। परिवार का मुख्य व्यवसाय किराएदारी और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ा था। बेटी मीनाक्षी गिफ्ट आइटम की दुकान संचालित करती थीं। अभिषेक फ्लोर क्लीनिंग से जुड़े व्यवसाय में सक्रिय था। दोनों अविवाहित थे।

छोटा बेटा जेल में बंद

पुलिस जांच में सामने आया है कि परिवार का छोटा बेटा अश्विनी वैश्य फिलहाल कौशांबी जेल में बंद है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि वह एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों पर आर्थिक अपराधों के आरोप लगे थे। मामले में महिला को जमानत मिल चुकी है। वहीं अश्विनी अभी भी जेल में है। पुलिस ने संबंधित महिला की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। साथ ही परिवार के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक संबंधों की भी गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के आधार पर जल्द ही हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

स्थानीय लोगों के मुताबिक परिवार का सामाजिक संपर्क सीमित था। वे अपने कामकाज में ही व्यस्त रहते थे। पड़ोसियों ने बताया कि वीरेंद्र कुमार वैश्य को आखिरी बार रविवार को देखा गया था। इसके बाद परिवार का कोई सदस्य दिखाई नहीं दिया। अब चार लोगों की सामूहिक हत्या, बंद मकान, रहस्यमय संदेश और करोड़ों की संपत्ति जैसे कई पहलू पुलिस जांच के केंद्र में हैं। फिलहाल पूरा मामला रहस्य बना हुआ है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

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