प्रयागराज में पूर्व छात्र नेता पर फायरिंग: महिला प्रिंसिपल अरेस्ट, गाड़ी में बैठकर साथियों को उकसाने का आरोप

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र नेता और अधिवक्ता रजनीश कुमार सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले में बिशप जॉनसन स्कूल जूनियर विंग कटरा की प्रिंसिपल प्रियदर्शनी सिंह को अरेस्ट किया गया है। पुलिस का आरोप है कि फायरिंग के दौरान वह थार गाड़ी में मौजूद थीं और उन्होंने अपने साथियों को गोली चलाने के लिए उकसाया था। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। अब पुलिस फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के दौरान कई CCTV फुटेज खंगाले गए। फुटेज में काले रंग की थार गाड़ी दिखाई दी, जिसमें एक महिला समेत तीन लोग सवार थे। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस की शक की सुई प्रियदर्शनी सिंह पर पहुंच गई। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान महिला आरोपी लगातार अपने साथियों को उकसा रही थी। शिवकुटी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि महिला प्रधानाचार्य की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच में सामने आया है कि उन्होंने गोली चलाने के लिए अपने साथियों को भड़काया था। शुक्रवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। वहीं पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
गांव से लौटते समय हुआ हमला
रजनीश कुमार सिंह प्रयागराज के बाबा चौराहे के पास श्रिया अपार्टमेंट में रहते हैं। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता होने के साथ अधिवक्ता भी हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि छह मई की रात वह अपने गांव बनवीपपुर से घर लौट रहे थे। तभी शिवकुटी इलाके में स्टैनली रोड के पास एक काले रंग की थार ने उनकी फॉर्च्यूनर को ओवरटेक किया। पीड़ित के मुताबिक थार जैसे ही आगे निकली, उसमें बैठे लोगों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों ने लगातार छह राउंड गोलियां चलाईं। हमले के बाद आरोपी वहां से भागने लगे। रजनीश ने पीछा किया तो आरोपी कलश चौराहे की तरफ भाग निकले और कुछ दूरी पर थार छोड़कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी।
पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद वह अगले दिन पुलिस कमिश्रनर जोगेंद्र कुमार और एडिशनल पुलिस कमिश्नर डॉ. अजयपाल शर्मा से मिले। दोनों अधिकारियों की फटकार के बाद शिवकुटी पुलिस ने सात मई को केस दर्ज किया।
‘मार दो इनको’ कहकर उकसाने का आरोप
रजनीश कुमार सिंह ने पुलिस को बताया कि थार में बैठी महिला ने विंडो ग्लास नीचे कर कहा था- “मार दो इनको।” इसके तुरंत बाद ड्राइविंग सीट पर बैठे युवक ने गोलियां चलानी शुरू कर दीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक थार को आर्ची तिमोर्थी चला रहा था, जो लखनऊ डायसिस के बिशप मॉरिस एडगर दान कार्यालय में काम करता है। फिलहाल वह फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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