यूपी बोर्ड रिजल्ट कल शाम चार बजे: 52 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म, टॉपर्स लिस्ट भी होगी जारी

प्रयागराज|22 अप्रैल 2026
 52 लाख से ज्यादा छात्रों का इंतजार खत्म, टॉपर्स लिस्ट भी होगी जारी

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 का रिजल्ट कल शाम चार बजे घोषित किया जाएगा। लाखों छात्रों और उनके परिवारों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। इस साल रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने परीक्षा दी है। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार कुल 52,30,297 छात्र-छात्राएं पंजीकृत रहे। हाईस्कूल में 27,50,945 और इंटरमीडिएट में 24,79,352 परीक्षार्थी शामिल हैं। रिजल्ट जारी होते ही छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकेंगे। बोर्ड इस बार भी रिजल्ट को पारदर्शी और टाइमली तरीके से जारी करने पर फोकस कर रहा है।

इस साल हाईस्कूल में 14,38,682 छात्र और 13,12,263 छात्राएं शामिल रहीं। वहीं इंटरमीडिएट में 13,03,012 छात्र और 11,76,340 छात्राएं पंजीकृत थीं। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के कारण इस बार प्रतिस्पर्धा भी काफी हाई रही। बोर्ड रिजल्ट के साथ टॉपर्स की लिस्ट भी जारी करेगा। इंटरमीडिएट के नतीजे आर्ट्स, साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के हिसाब से अलग-अलग घोषित किए जाएंगे। टॉप करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया जाएगा। इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और उन्हें आगे बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी।

चार अप्रैल को पूरा हुआ मूल्यांकन

कॉपी जांच का काम पहले ही पूरा कर लिया गया था। बोर्ड ने 18 मार्च से मूल्यांकन शुरू कराया था, जो चार अप्रैल को खत्म हो गया। इस दौरान करीब एक लाख 10 हजार परीक्षकों ने दो करोड़ 75 लाख कॉपियों की जांच की। यह काम प्रदेश के 254 केंद्रों पर किया गया। इतने बड़े स्तर पर मूल्यांकन को समय पर पूरा करना बोर्ड के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। हालांकि इस दौरान कुछ गड़बड़ियों के मामले भी सामने आए। अलीगढ़ में कॉपियों के परीक्षण के दौरान प्रयागराज के एक स्कूल में सामूहिक नकल का खुलासा हुआ था। इसके बाद बोर्ड ने सख्त रुख अपनाया।

कॉपियों में नोट मिलने पर कार्रवाई

माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिन कॉपियों में नोट या संदिग्ध सामग्री मिलेगी, उनकी जांच नहीं की जाएगी। इस फैसले का मकसद परीक्षा प्रणाली को क्लीन और फेयर बनाना था। बोर्ड ने साफ संदेश दिया कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे परीक्षा की विश्वसनीयता को बनाए रखने में मदद मिली।

एआई कैमरों और सर्विलांस से निगरानी

इस साल परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन बनाने के लिए हाईटेक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। एआई कैमरों से निगरानी की गई। प्रदेश में 222 अतिसंवेदनशील और 683 संवेदनशील परीक्षा केंद्र चिन्हित किए गए थे। करीब 1000 संदिग्ध लोगों के मोबाइल नंबर एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों की निगरानी में रखे गए। प्रयागराज समेत 20 केंद्रों पर मोबाइल जैमर लगाए गए। इससे परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई संभव हुई।

प्रदेशभर में बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजन

यूपी के 75 जिलों में 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। हाईस्कूल में 27,61,696 और इंटरमीडिएट में 25,76,082 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया और इसे शांतिपूर्ण तरीके से पूरा कराया गया। एसटीएफ ने कई जिलों में सक्रिय निगरानी रखी। प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा जैसे जिलों में खास सतर्कता बरती गई।

छात्रों के लिए जरूरी सलाह

रिजल्ट जारी होने के बाद छात्र घबराएं नहीं। वेबसाइट पर ट्रैफिक ज्यादा होने से दिक्कत आ सकती है। ऐसे में थोड़ा इंतजार करें और सही डिटेल्स डालकर रिजल्ट चेक करें। मार्कशीट को डाउनलोड करके सुरक्षित रखें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। यह रिजल्ट छात्रों के भविष्य की दिशा तय करेगा, इसलिए इसे समझदारी से देखें और आगे की प्लानिंग करें।

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