धनघटा में शादी के बीच खूनी संघर्ष: छेड़खानी की अफवाह से भड़की हिंसा, युवक की मौत के बाद गांव में तनाव

संतकबीरनगर|27 अप्रैल 2026
छेड़खानी की अफवाह से भड़की हिंसा, युवक की मौत के बाद गांव में तनाव

जिले के धनघटा क्षेत्र के गायघाट पूर्वी गांव में रविवार की शाम शादी का माहौल अचानक हिंसा में बदल गया। दो अलग-अलग घरों में चल रही शादियों के बीच विवाद इतना बढ़ा कि खूनी संघर्ष हो गया। इस घटना में एक युवक की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। सोमवार को प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। गांव में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है।

गांव के निवासी संभल निषाद के पुत्र सिंटू निषाद की शादी गोरखपुर जिले के तामा गांव में तय थी। रविवार शाम बरात गांव से रवाना हुई। बरात को सिवान तक छोड़ने के बाद महिलाएं वापस लौट रही थीं। इसी दौरान अचानक शोर मच गया कि लौट रही महिलाओं के साथ रास्ते में छेड़खानी की गई है। यह खबर तेजी से गांव में फैल गई। उसी दिन गांव में योगेंद्र निषाद के घर भी लड़की की शादी थी। दोनों पक्षों के रिश्तेदार गांव में मौजूद थे। माहौल पहले से ही भीड़भाड़ वाला था। आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।

लाठी-डंडों से हमला

छेड़खानी के आरोप के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। बहस जल्द ही मारपीट में बदल गई। लोगों ने लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस झड़प में संभल निषाद के पक्ष के कई लोग घायल हो गए। घायलों में अनिल कपूर (20), बबली (24), दीपक (26), धीरज और अमित शामिल हैं। सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली ले जाया गया। अनिल की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रात करीब दो बजे बॉडी गांव पहुंची जिसके बाद माहौल और अधिक बिगड़ गया।

मौत के बाद सड़क जाम और पथराव

अनिल की मौत के बाद गांव में गुस्सा फूट पड़ा। आरोपी पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए थे। इससे ग्रामीण और आक्रोशित हो गए। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे लोगों ने गायघाट-मुंडेरा शुक्ला मार्ग पर सड़क जाम कर दिया। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया। लेकिन भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने करीब 10:30 बजे लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

प्रशासन का हस्तक्षेप

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप मीना दोपहर में गांव पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया गया है।

गांव में भारी पुलिस बल

फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अफवाह और आपसी विवाद किस तरह बड़े हादसे का रूप ले सकते हैं।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।