सिद्धार्थनगर में रील के चक्कर में दर्दनाक हादसा: 60 फीट टंकी से गिरे तीन बच्चे; एक की मौत, 16 घंटे बाद एयरफोर्स ने बचाई दो बच्चों की जान

जिले से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। जिला मुख्यालय स्थित कांशीराम आवास कॉलोनी में पांच बच्चे सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। इसी दौरान बड़ा हादसा हो गया। नीचे उतरते वक्त जर्जर सीढ़ी अचानक टूट गई। तीन बच्चे सीधे नीचे गिर गए। इस हादसे में 12 साल के बाले की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें तुरंत माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक दोनों की हालत नाजुक है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
जानकारी के मुताबिक, मोहाने गांव का रहने वाला बाले अपने मौसेरे भाई के घर आया था। दोपहर करीब तीन बजे वह अपने दोस्तों- गोलू, शनि, कल्लू और पवन के साथ टंकी पर चढ़ गया। सभी बच्चे रील शूट करना चाहते थे। कुछ देर ऊपर रहने के बाद बच्चे नीचे उतरने लगे। तभी चार सीढ़ी उतरते ही पुरानी और जर्जर सीढ़ी अचानक टूट गई। बाले, शनि और गोलू संतुलन खोकर नीचे गिर पड़े। बाले के ऊपर सीढ़ी का मलबा भी गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं शनि और गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए। कल्लू और पवन ऊपर ही रह गए और अब तक वहीं फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है।
भारी पुलिस फोर्स तैनात
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गया। डीएम शिवशरणप्पा जीएन और एसएसपी अभिषेक महाजन खुद रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई है। रेस्क्यू टीम, फायर ब्रिगेड और अन्य एजेंसियां मिलकर बच्चों को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे अफरा-तफरी न फैलाएं और रेस्क्यू में सहयोग करें।
बिजली सप्लाई बंद, 4500 लोग प्रभावित
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है। टंकी के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन को बंद कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता अजय कुमार के मुताबिक, इसके लिए करीब 15 ट्रांसफार्मर बंद किए गए हैं। इससे लगभग 4500 उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है।

16 घंटे तक मौत से जंग
60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर करीब 16 घंटे तक फंसे दो बच्चों को आखिरकार सुरक्षित निकाल लिया गया। यह रेस्क्यू भारतीय एयरफोर्स के एमआई-17 हेलिकॉप्टर के जरिए किया गया। दोनों बच्चों को तुरंत गोरखपुर स्थित एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर रख रहे हैं। इस सफल रेस्क्यू के बाद प्रशासन और राहत टीम ने राहत की सांस ली है।
दलदल बना सबसे बड़ी चुनौती, क्रेन भी नहीं पहुंच पाई
रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होते ही प्रशासन को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टंकी के आसपास का इलाका पूरी तरह दलदल में तब्दील था। हाइड्रॉलिक क्रेन मंगाई गई, लेकिन वह टंकी तक पहुंच ही नहीं पाई। इसके बाद प्रशासन ने अस्थायी सड़क बनाने का फैसला लिया। करीब 150 मीटर सड़क बनाने का काम शुरू किया गया। देर रात तक लगभग 120 मीटर सड़क तैयार भी कर ली गई। लेकिन तभी मौसम ने भी साथ छोड़ दिया। रात करीब तीन बजे तेज बारिश शुरू हो गई। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन को रोकना पड़ा।
आर्मी और एयरफोर्स की एंट्री
स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने सेना की मदद मांगी। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना को अलर्ट किया गया। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे एयरफोर्स का एमआई-17 हेलिकॉप्टर मौके पर पहुंचा। इसके बाद हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। काफी सावधानी और प्लानिंग के साथ दोनों बच्चों को टंकी से सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह ऑपरेशन बेहद रिस्की था, लेकिन टीम ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।
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