सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजीडेंट और एमबीबीएस छात्र नदी में डूबे: बोल्डर के बीच फंस गया पैर, गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से निकाली गई बॉडी

सिद्धार्थनगर|20 अप्रैल 2026
बोल्डर के बीच फंस गया पैर, गोताखोरों और स्थानीय लोगों की मदद से निकाली गई बॉडी

सिद्धार्थनगर में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजीडेंट और एमबीबीएस स्टूडेंट की नदी में डूबने से मौत हो गई। यह घटना दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। दोनों युवक बूढ़ी राप्ती नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मेडिकल कॉलेज के जेआर और पुलिस के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।

सोमवार की दोपहर जूनियर रेजिडेंट और तीन अन्य छात्र कार से जोगिया उदयपुर के योगमाया मंदिर पहुंचे। गर्मी अधिक होने के चलते सभी नदी में नहाने के लिए उतर गए। नहाने के दौरान अचानक एक छात्र गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख जेआर डॉ. सत्यम नायक ने उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन थोड़ी देर बाद वह खुद भी संतुलन खो बैठे। कुछ ही देर में दोनों पानी में डूब गए।

बचाने की कोशिश हुई नाकाम

घटना के समय किनारे पर दो अन्य छात्र भी मौजूद थे। उन्होंने शोर मचाया और मदद के लिए आवाज लगाई। आसपास के चरवाहे तुरंत नदी की ओर दौड़े। कुछ लोगों ने नदी में कूदकर दोनों को बचाने की कोशिश की। लेकिन पानी काफी गहरा था। तेज बहाव और गहराई के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।

गोताखोरों ने निकाली बॉडी

घटना की सूचना मिलते ही जोगिया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। एसएचओ अभय सिंह ने स्थानीय गोताखोरों को बुलाया। करीब 15 मिनट तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। थोड़ी देर बाद दोनों युवकों की बॉडी गहरे पानी से निकाली गई। एसएचओ अभय सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से बॉडी बरामद की गई।

बस्ती के रहने वाले थे डॉ. सत्यम

हादसे में जान गंवाने वाले जेआर डॉ. सत्यम नायक बस्ती के रहने वाले थे। दूसरे मृतक सचिन गहरवार राजस्थान के निवासी थे और एमबीबीएस छात्र थे। वहीं उनके साथ गए दो अन्य छात्र विनीत चौधरी और नीतेश कुमार सुरक्षित हैं।

मेडिकल कॉलेज में शोक

घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज से बड़ी संख्या में जेआर और एमबीबीएस छात्र मौके पर पहुंचे। इस हादसे के बाद माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है। मृतकों के परिवारजनों के साथ ही जूनियर डॉक्टर्स भी अपने साथी की मौत से काफी आहत हैं। उप प्राचार्य डॉ. हमततुल्लाह ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसे स्थानों पर छात्रों के जाने पर रोक लगाई जाएगी। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा।

सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद नदी के किनारे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी हादसे हो चुके हैं। अगर प्रशासन पहले ही एहतियात बरतता तो शायद आज भविष्य के दो बेहतरीन डॉक्टरों को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। लोगों का कहना है कि बूढ़ी राप्ती नदी में कई जगह गहराई अचानक बढ़ जाती है। बिना जानकारी के पानी में उतरना जानलेवा हो जाता है।

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