राजस्थान में चलती स्कॉर्पियो बनी आग का गोला: मां को अस्पताल ले जा रहे कांग्रेस नेता की मौत, परिवार के चार लोगों ने गंवाई जान

1 घंटा पहले
मां को अस्पताल ले जा रहे कांग्रेस नेता की मौत, परिवार के चार लोगों ने गंवाई जान

राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार तड़के हुए भीषण हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। बोराडा थाना क्षेत्र में एक चलती स्कॉर्पियो अचानक आग की चपेट में आ गई और देखते ही देखते धधकते आग के गोले में बदल गई। हादसा इतना भयावह था कि वाहन में सवार चार लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका। इस दर्दनाक घटना में स्थानीय कांग्रेस नेता, पूर्व सरपंच और जिला परिषद सदस्य समेत एक ही परिवार के चार सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई है। हादसे के बाद इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे काशीर और बोराडा गांव के बीच हुआ है। यह अजमेर शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। बताया जा रहा है कि पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी अपनी मां पूसी देवी को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जा रहे थे। उनके साथ वाहन में उनकी पत्नी और भतीजी महिमा भी मौजूद थीं। रास्ते में अचानक चलती स्कॉर्पियो में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।

अस्पताल पहुंचने से पहले बुझ गई चार जिंदगियां

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पूसी देवी ने सुबह सीने में दर्द की शिकायत की थी। जिसके बाद परिवार उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए निकला था। लेकिन रास्ते में यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने जब सड़क पर जलती हुई स्कॉर्पियो देखी तो पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। हालांकि जब तक राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचा, तब तक वाहन पूरी तरह जल चुका था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीन लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। चौथे व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई है। बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय लोग घटनास्थल पर जमा हो गए है। जली हुई स्कॉर्पियो और अंदर फंसी बॉडी का दृश्य बेहद दर्दनाक था।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। डिप्टी सुपरिटेंडेंट आयुष वशिष्ठ, बोराडा थाना प्रभारी सूर्यभान सिंह और अराई थाना प्रभारी रोशन समरिया ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। एफएसएल टीम ने वाहन से नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। प्रारंभिक जांच में वाहन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि पुलिस हर संभावित पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आग लगने का वास्तविक कारण सामने नहीं आता, तब तक मामले को हत्या की आशंका के दृष्टिकोण से भी जांचा जाएगा।

राजनीतिक हलकों में भी चर्चा

मृतक रामसिंह चौधरी स्थानीय राजनीति में सक्रिय और प्रभावशाली चेहरा माने जाते थे। वह पूर्व सरपंच होने के साथ जिला परिषद सदस्य भी रह चुके थे। उनकी मां पूसी देवी भी पूर्व सरपंच थीं और क्षेत्र में सामाजिक रूप से काफी सम्मानित मानी जाती थीं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की एक साथ मौत से गांव और आसपास के क्षेत्रों में गहरा शोक व्याप्त है। घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की है। पुलिस ने बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने सड़क सुरक्षा और वाहनों की तकनीकी जांच को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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