महाराष्ट्र में डॉक्टरों से मारपीट मामले में शिवसेना पार्षद अरेस्ट: डॉक्टर ने छोड़ी नौकरी, NICU में बेड नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद

1 घंटा पहले
डॉक्टर ने छोड़ी नौकरी, NICU में बेड नहीं मिलने पर बढ़ा विवाद

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में सरकारी अस्पताल के भीतर डॉक्टरों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को अरेस्ट कर लिया है। उनके तीन सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है। घटना के बाद अस्पताल के एक डॉक्टर ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए नौकरी से इस्तीफा दे दिया और ठाणे छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि भय के माहौल में काम करना संभव नहीं है और अब वह दोबारा शहर वापस नहीं आएंगे।

यह घटना कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के शास्त्री नगर अस्पताल में हुई थी। अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में कोई बेड उपलब्ध नहीं था। ऐसे में डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। इस बात से नाराज परिजनों ने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। आरोप है कि पार्षद अपने तीन साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ के साथ मारपीट की।

डॉक्टर ने कहा- अब ठाणे नहीं लौटूंगा

मारपीट का शिकार हुए एक डॉक्टर ने कहा कि घटना के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर के अनुसार, उन्हें लगता है कि असामाजिक तत्व उन पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस माहौल में काम करना संभव नहीं है और वह अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटेंगे।

पार्टी ने जारी किया शोकॉज नोटिस

मामले को लेकर राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना पूरी तरह गलत है और शिवसेना इस घटना का समर्थन नहीं करती। उन्होंने यह भी कहा कि जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं किया गया है। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे सहित शिवसेना के कई नेताओं और विपक्षी दलों ने भी घटना की निंदा की है। ठाणे सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि पार्टी ने आरोपी पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

नव्य जागरण

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