दूसरी बार असम के CM बने हिमंता: दो बीजेपी और दो सहयोगी दलों से बने मंत्री, समर्थकों ने फूल बरसाकर किया स्वागत

हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। गुवाहाटी में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम खानापारा वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित हुआ। गवर्नर लक्ष्मण आचार्य ने हिमंता को शपथ दिलाई। समारोह में बड़ी संख्या में नेता और समर्थक मौजूद रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान असमिया संस्कृति की झलक देखने को मिली। सभी मंत्रियों ने असमिया भाषा में शपथ ली। इससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह क्षेत्रीय रंग में नजर आया। मुख्यमंत्री हिमंता के साथ चार विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें भाजपा और सहयोगी दलों के नेता शामिल रहे। भाजपा की ओर से रामेश्वर तेली और अजंता नेओम ने मंत्री पद की शपथ ली। वहीं सहयोगी दल AGP की तरफ से अतुल बोरा मंत्री बने। BPF के चरण बोरो की जगह चरण बोरो ने शपथ ली। नए मंत्रियों के शपथ लेते ही समर्थकों में उत्साह दिखा। समारोह स्थल पर लगातार नारेबाजी होती रही।
मोदी-शाह समेत कई बड़े नेता पहुंचे
शपथ ग्रहण समारोह में राष्ट्रीय राजनीति की बड़ी तस्वीर दिखाई दी। नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में खास तौर पर मौजूद रहे। उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी पहुंचे। इसके अलावा कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए। भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के कई बड़े नेता गुवाहाटी पहुंचे थे। समारोह में कई केंद्रीय मंत्री भी मौजूद रहे। इससे कार्यक्रम पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन जैसा नजर आया।
परिवार भी समारोह में रहा मौजूद
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पूरा परिवार भी कार्यक्रम में मौजूद रहा। शपथ लेने के बाद हिमंता ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। पूरे समारोह में उत्साह और जश्न का माहौल दिखा। गुवाहाटी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट रहीं।
दूसरी बार मिली सत्ता की कमान
हिमंता बिस्वा सरमा लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं। पिछले कार्यकाल में उन्होंने कई बड़े फैसले लिए थे। भाजपा नेतृत्व ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया। विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पूर्वोत्तर में भाजपा की मजबूत पकड़ में हिमंता की अहम भूमिका रही है। यही वजह है कि पार्टी ने उन्हें दोबारा कमान सौंपी।
विकास और गठबंधन पर रहेगा फोकस
नई सरकार में भाजपा ने सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया है। इससे गठबंधन को मजबूत संदेश देने की कोशिश हुई है। राज्य सरकार अब विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ा सकती है। रोजगार, सड़क और निवेश जैसे मुद्दे सरकार की प्राथमिकता माने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण के बाद हिमंता ने कहा कि जनता का भरोसा उनकी सबसे बड़ी ताकत है। सरकार विकास की गति को और तेज करेगी। असम में नई सरकार के गठन के बाद अब लोगों की नजर मंत्रिमंडल विस्तार और आगामी फैसलों पर टिक गई है।
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