विदेशियों के लिए इमिग्रेशन नियम बदले: रजिस्ट्रेशन और अपील की प्रक्रिया हुई आसान, अब 14 दिनों के अंदर पंजीकरण की अनिवार्यता खत्म

5 घंटे पहले
रजिस्ट्रेशन और अपील की प्रक्रिया हुई आसान, अब 14 दिनों के अंदर पंजीकरण की अनिवार्यता खत्म

केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के लिए इमिग्रेशन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (संशोधन) नियम, 2026 की अधिसूचना जारी की है। विदेशी नागरिकों के रजिस्ट्रेशन, अपील और नागरिकता संबंधी प्रावधानों में कई अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और विदेशी नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना बताया गया है।

नए नियमों के तहत अब विदेशी नागरिकों को भारत में 180 दिन पूरे होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे 180 दिन की अवधि समाप्त होने से पहले किसी भी समय अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। पहले व्यवस्था यह थी कि विदेशी नागरिकों को भारत में 180 दिन पूरे होने के बाद 14 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होता था। सरकार का मानना है कि नए प्रावधान से अनावश्यक देरी और प्रशासनिक जटिलताओं में कमी आएगी। हालांकि गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद रजिस्ट्रेशन केवल विशेष और न्यायसंगत परिस्थितियों में ही स्वीकार किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी प्रत्येक मामले का अलग-अलग परीक्षण करेंगे।

ऑनलाइन अपील की सुविधा पहली बार लागू

संशोधित नियमों में पहली बार डिजिटल अपील प्रणाली को शामिल किया गया है। अब किसी प्रशासनिक आदेश से प्रभावित व्यक्ति सीधे ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त के समक्ष ऑनलाइन माध्यम से अपील दायर कर सकेगा। आदेश जारी होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर अपील करना अनिवार्य होगा। नियमों के अनुसार आयुक्त संबंधित पक्षों की सुनवाई के बाद निर्णय देंगे। प्रयास रहेगा कि प्रत्येक अपील का निस्तारण 60 दिनों के भीतर कर दिया जाए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और विदेशी नागरिकों को त्वरित न्यायिक राहत मिल सकेगी।

बच्चों की नागरिकता संबंधी प्रावधानों में संशोधन

गृह मंत्रालय ने बच्चों की नागरिकता और रजिस्ट्रेशन से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक है और वह बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है, तो ऐसे बच्चे पर विदेशी नागरिकों के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन संबंधी नियम लागू नहीं होंगे। इसके विपरीत यदि भारत में रह रहा कोई बच्चा किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त करता है, तो उसके माता-पिता या अभिभावकों को 30 दिनों के भीतर इसकी सूचना संबंधित रजिस्ट्रेशन अधिकारी को देना अनिवार्य होगा। कुछ संवेदनशील मामलों में सूचना देने की समय-सीमा 24 घंटे निर्धारित की गई है।

2025 के कानून के तहत लागू हुए नए प्रावधान

गृह मंत्रालय ने बताया कि यह संशोधन इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 30 के तहत किया गया है। उल्लेखनीय है कि संसद ने मार्च 2025 में यह व्यापक कानून पारित किया था। जिसके माध्यम से पासपोर्ट एक्ट 1920, फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन एक्ट 1939, फॉरेनर्स एक्ट 1946 और इमिग्रेशन एक्ट 2000 जैसे पुराने कानूनों के प्रावधानों को एकीकृत किया गया था।

दोषी पाए जाने पर तीन साल का कारावास

कानून में अवैध रूप से विदेशी नागरिकों को भारत लाने, ठहराने या बसाने पर कठोर दंड का प्रावधान भी किया गया है। दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष तक के कारावास, दो से पांच लाख रुपये तक के जुर्माने या दोनों सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही भारत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक विदेशी नागरिक के लिए वैध पासपोर्ट और वीजा रखना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इन संशोधनों से देश की इमिग्रेशन प्रणाली अधिक आधुनिक, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को भी मजबूती मिलेगी।

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