भारतीय रेलवे का नया लोगो एक जून से लागू: अब दिखेंगे 18 स्टार, देशभर में बदलेंगे आधिकारिक चिन्ह और दस्तावेज

भारतीय रेलवे ने अपने आधिकारिक लोगो में बड़ा बदलाव करते हुए नया डिजाइन जारी कर दिया है। रेलवे बोर्ड ने 18 स्टार वाले संशोधित भारतीय रेल लोगो को मंजूरी दे दी है, जिसे आगामी एक जून 2026 से पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस बदलाव के पीछे भारतीय रेलवे में नए ‘साउथ कोस्ट रेलवे’ जोन के गठन को प्रमुख कारण माना जा रहा है। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में सभी क्षेत्रीय रेलवे, उत्पादन इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए समयबद्ध तरीके से नए लोगो को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
रेलवे बोर्ड के उप निदेशक (जनसंपर्क) संजय कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय रेलवे में अब कुल 18 जोन हो जाएंगे। इसी बदलाव को दर्शाने के लिए रेलवे के पारंपरिक लोगो में अब 18 स्टार शामिल किए गए हैं। इससे पहले लोगो में 17 स्टार हुआ करते थे, जो रेलवे के 17 जोनों का प्रतिनिधित्व करते थे। नया लोगो लाल रंग के आधुनिक डिजाइन में तैयार किया गया है, जिसे सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी मिलने के बाद आधिकारिक रूप से जारी कर दिया गया है।

सभी सरकारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनिवार्य होगा नया लोगो
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि एक जून 2026 से नया लोगो भारतीय रेलवे की सभी आधिकारिक गतिविधियों में अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा। इसके तहत स्टेशनरी, सरकारी पत्राचार, विभागीय प्रकाशन, रेलवे स्टेशनों के साइनबोर्ड, डिजिटल प्लेटफॉर्म, प्रचार सामग्री और अन्य सभी आधिकारिक माध्यमों पर संशोधित लोगो लगाया जाएगा। रेलवे प्रशासन से जुड़ी सभी इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर पुराने लोगो को हटाकर नया चिन्ह लागू किया जाए। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, साउथ कोस्ट रेलवे जोन एक जून से औपचारिक रूप से परिचालन शुरू करेगा। इसका मुख्यालय आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनाया गया है। नए जोन के गठन के बाद भारतीय रेलवे का नेटवर्क और अधिक विस्तृत और व्यवस्थित होगा। रेलवे मंत्रालय का मानना है कि इससे दक्षिण भारत में रेल संचालन और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
भारतीय रेलवे के जोनल ढांचे का लंबा इतिहास
भारतीय रेलवे के जोनल ढांचे का इतिहास भी काफी पुराना और महत्वपूर्ण रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे सहित अब तक देश में कुल 17 रेलवे जोन कार्यरत थे। भारतीय रेलवे में जोनल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में समय-समय पर नए जोनों का गठन किया जाता रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) का गठन 14 अप्रैल 1952 को किया गया था, जिसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था। यह रेलवे अवध-तिरहुत रेलवे, असम रेलवे और बीबी एंड सीआई रेलवे के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया गया था। इसके बाद 15 जनवरी 1958 को पूर्वोत्तर रेलवे से अलग होकर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) अस्तित्व में आया। वहीं एक अक्टूबर 2002 को बिहार क्षेत्र को अलग कर पूर्व मध्य रेलवे नाम से नया जोन बनाया गया। अब साउथ कोस्ट रेलवे के गठन के साथ भारतीय रेलवे के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
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